असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें, समय-समय पर डॉक्टर से जांच कराएं
नई दिल्ली । कैंसर के मरीज हमारे देश में साल दर साल बढ़ते जा रहे हैं। छोटी-छोटी लापरवाहियां लोगों की जान पर भारी पड़ रही हैं, लेकिन यह दो कैंसर ऐसे हैं, जिसे जल्दी पकड़ लिया जाए तो इनका इलाज संभव है। कैंसर रोग स्पेशलिस्ट ने बताया कि जिस तरह से हर एक कैंसर में स्टेज होती है। वैसे इसमें भी स्टेज 1 से लेकर 4 तक होती है। अगर समय रहते इसका पता चल गया तो इसमें बचाव की उम्मीद रहती है। जल्दी इलाज इसमें किया जाए तो मरीज की जान बच सकती है। कैंसर को बढ़ने से रोका जा सकता है, लेकिन इसके लिए जागरुकता जरूरी है।
ऑंकोलॉजिस्ट डॉक्टर ने बताया कि सिर और गर्दन के कैंसर की शुरुआत मुंह, जीभ, गला, नाक और साइनस, होंठ, लार ग्रंथियां जैसी जगह पर होता है। लोग लक्षण ना पता होने की वजह से लापरवाही कर देते हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा जरूरी है, यह जानना कि अगर आपके मुंह में लंबे वक्त तक कोई घाव बना हुआ है या कोई ऐसी नुकीली चीज है, जिससे बार-बार जीभ टकरा रही है तो आप उसमें लापरवाही ना करें और समय रहते डॉक्टर को दिखाएं। यह जरूर जानने की अगर यह दिक्कत एंटीबायोटिक या कोई भी दवा लेने से ठीक नहीं हो रही है तो इसका इलाज जरूरी है, क्योंकि यह एक कैंसर का लक्षण हो सकता है।
डॉक्टर ने बताया कि सिर और गर्दन के कैंसर की वजह तंबाकू और बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, खैनी, पान मसाला ये होते हैं। जो लोग इसका सेवन रोज करते हैं। उन्हें सावधान रहना चाहिए। इसके अलावा शराब का अत्यधिक सेवन से भी ये होता है। इसके अलावा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) संक्रमण, खराब मौखिक स्वच्छता यानी मुंह की सफाई न करना, लंबे समय तक धूप में रहना यानी होंठों के कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है। इसीलिए यह गलतियां ना करें। सावधानी बरते और खुद को सुरक्षित रखें।
ऑंकोलॉजिस्ट डॉक्टर ने बताया कि इसके शुरुआती लक्षण मुंह में घाव जो 2-3 सप्ताह तक न भरे तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं। गले में लगातार दर्द या खराश रहना भी इसका लक्षण है। आवाज बैठना, निगलने में परेशानी, गर्दन में गांठ, मुंह से खून आना या सफेद, लाल धब्बे होना। बिना वजह वजन कम होना, बचाव, तंबाकू और शराब से दूरी रखें। मुंह की नियमित सफाई करें। किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें। समय-समय पर डॉक्टर से जांच कराएं।


