●भतीजे पंकज राउत की गिरफ्तारी के लिए महुआडंगाल में विवेक राउत के घर पहुंची थी टीम
◆स्थानीय लोगों व झामुमो कार्यकर्ताओं के विरोध के बीच टीम ने ली घर की तलाशी
विशेष संवाददाता
दुमका। शनिवार को वन विभाग की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व.शिबू सोरेन के पूर्व आप्त सचिव रह चुके विधानसभा कर्मी विवेकानंद राउत उर्फ विवेक राउत के महुआडंगाल स्थित आवास पर छापेमारी की। प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी पुष्कर काले के नेतृत्व में विवेक राउत के भतीजे पंकज राउत की गिरफ्तारी के लिए टीम वहां पहुंची थी। हालांकि तलाशी के दौरान पंकज राउत घर पर नहीं मिला।
इस बीच वन विभाग की कार्रवाई का स्थानीय लोगों और झामुमो कार्यकर्ताओं ने जम कर विरोध किया। जिला परिषद सदस्य चिंता देवी के नेतृत्व में लोगों ने हंगामा करते हुए आरोप लगाया कि गिरफ्तारी का कोई लिखित आदेश या वारंट दिखाए बिना वन विभाग की टीम पंकज राउत को पकड़ने पहुंची थी।जबकि यह घर विवेकानंद राउत का है।लोगों के भारी विरोध के बीच प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने विवेक राउत के आवास की तलाशी ली।
विवेक राउत घर पर नहीं थे।वन विभाग की टीम के विवेक के घर पहुंचने की सूचना मिलने पर झामुमो के जिला अध्यक्ष शिवा बास्की और अच्छी संख्या में झामुमो के कार्यकर्ता एवं समर्थक मौके पर पहुंच गए थे।कुछ देर तक मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।काफी मशक्कत के बाद प्रशिक्षु आईएफएस अपनी टीम और सुरक्षा बल के साथ विवेक राउत के घर के अंदर प्रवेश कर घर की तलाशी ले सके।घर के अंदर कुछ भी आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिला।जब वन विभाग की टीम लौटने लगी तो स्थानीय लोगों ने वन विभाग की छापेमारी टीम से यह लिखित प्रमाण लेना चाहते थे कि तलाशी के दौरान घर में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला।
इधर, दुमका के डीएफओ सात्विक व्यास ने पत्रकारों कि बताया कि सुप्रीम कोर्ट के रोक के बाबजूद 13 जून 2025 को लालजी जी पटेल लकड़ी मिल के अवैध संचालन के मामले में वन विभाग ने एक केस दर्ज किया था।उन्होंने बताया कि वन विभाग में दर्ज उस केस में जयपाल राउत और पंकज राउत की संलिप्तता सामने आने के बाद दोनों को आरोपी गया था।इस केस में दोनों को चार्जशीटेड किया गया है।डीएफओ ने बताया कि इसी मामले में गिरफ्तारी के लिए वन विभाग की टीम उसके संभावित ठिकाने पर गई थी, लेकिन वह नहीं मिला।


