◆यूनिवर्सिटी सर्विस कमीशन के माध्यम से होगी कॉलेज शिक्षकों, प्राचार्यों और विवि के प्रमुख प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति
विशेष संवाददाता
दुमका। झारखंड के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। नई राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम (स्टेट यूनिवर्सिटी एक्ट) लागू होने के बाद शिक्षकों की नियुक्ति के लिए यूनिवर्सिटी सर्विस कमीशन का गठन किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 की पहली छमाही तक कॉलेज शिक्षकों के सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का है।यह जानकारी झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल पुरवार ने मंगलवार को सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय (एसकेएमयू), दुमका में कुलपति एवं विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में दी।
उन्होंने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के सामने सबसे बड़ी चुनौती विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में टीचिंग फैकल्टी की कमी है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। विषयवार शिक्षकों के पदों का सृजन पूरा हो चुका है और फिलहाल रोस्टर तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है।
राहुल पुरवार ने बताया कि नई यूनिवर्सिटी एक्ट के तहत अब कॉलेज शिक्षकों की नियुक्ति जेपीएससी के बजाय यूनिवर्सिटी सर्विस कमीशन के माध्यम से होगी। यही आयोग प्राचार्यों के अलावा विश्वविद्यालयों में रजिस्ट्रार, वित्त पदाधिकारी (एफओ) सहित अन्य प्रमुख प्रशासनिक पदों पर भी नियुक्तियां करेगा। उन्होंने कहा कि आयोग के गठन का उद्देश्य नियुक्ति और प्रोन्नति की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध बनाना है।
प्रधान सचिव ने कहा कि राज्य सरकार विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र नियमित करने के प्रति गंभीर है। इसके लिए एक नया परिनियम (Statute) तैयार किया जा रहा है। इसके लागू होने के बाद नामांकन कैलेंडर से लेकर परीक्षा प्रणाली तक को सुव्यवस्थित किया जाएगा, जिससे विश्वविद्यालयों में समय पर सत्र संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।
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