देवघर :-बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण व्यवस्था को लेकर हाल के दिनों में फैली विभिन्न चर्चाओं के बीच पंडा धर्म रक्षिणी सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्रशेखर खवाड़े ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पंडा धर्म रक्षिणी सभा और जिला प्रशासन के बीच हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिनमें बाह्य अर्घ की व्यवस्था प्रमुख रही। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ मंदिर में स्पर्श पूजा पूर्व की भांति पूरी तरह जारी है और पूजा-पद्धति में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।
बाह्य अर्घ की व्यवस्था केवल एक अतिरिक्त विकल्प के रूप में विकसित की जा रही है, ताकि शारीरिक रूप से असमर्थ श्रद्धालु, शीघ्र दर्शनम कूपन लेने में असमर्थ लोग, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे आसानी से जलार्पण कर सकें। चंद्रशेखर खवाड़े ने स्पष्ट किया कि मंदिर की पारंपरिक पूजा-पद्धति, स्पर्श पूजा अथवा अन्य धार्मिक अनुष्ठानों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है और न ही उन्हें बंद किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि बाबा मंदिर के गर्भगृह में मोबाइल फोन या कैमरे से फोटो, वीडियो, रील या सेल्फी लेने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में बाह्य अर्घ श्रद्धालुओं के लिए एक वैकल्पिक सुविधा के रूप में उपलब्ध रहेगा। इससे मंदिर की परंपरागत पूजा व्यवस्था और धार्मिक आस्थाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा तथा श्रद्धालुओं को अपनी सुविधा के अनुसार जलार्पण का विकल्प मिलेगा।


