अयोध्या । श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (ट्रस्ट) के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अयोध्या संत मंडल उनके समर्थन में उतर आया है। संतों ने ट्रस्ट से चम्पत राय का इस्तीफा स्वीकार नहीं करने की अपील की है।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है, लेकिन इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है। ट्रस्ट की छह जुलाई को अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज की अध्यक्षता में एक बैठक आहूत की गई है, जिसमें उनके इस्तीफे पर विचार हो सकता है।
बैठक से पहले संतों ने चंपत राय का समर्थन करते हुए उनका बचाव किया है। शनिवार को अयोध्या संत मंडल की एक बैठक हुई जिसके बाद संतों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। संतों ने कहा कि चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचने की अपील की।
महंत राघवेश दास दास वेदांती ने कहा कि दान राशि में गड़बड़ी के आरोपों की सच्चाई एसआईटी जांच के बाद ही सामने आएगी। उन्होंने मांग की कि ट्रस्ट से चंपत राय का इस्तीफा मंजूर न किया जाए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे आगे आकर आय-व्यय का पूरा डेबिट-क्रेडिट सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि यदि लोगों के मन में सवाल हैं तो उनका जवाब भी ट्रस्ट की ओर से दिया जाना चाहिए।
वेदांती ने कहा कि चंपत राय ने राम मंदिर आंदोलन और मंदिर निर्माण में वर्षों तक मेहनत की है। वह 1993 से अयोध्या में हैं। तब से चंपत राय को काम करते हुए देख रहे हैं। उनका कहना था कि जिन लोगों ने स्वयं निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी की मांग की है, उन्हें बिना जांच पूरी हुए दोषी नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और आगे का फैसला होना चाहिए।
संतों ने रामभक्तों से भी अपील की कि वे अफवाहों से बचें और जांच पूरी होने तक धैर्य रखें। संतों ने एक स्वर में कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर के दान प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं है। संतों ने कहा कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का वर्षों से राम मंदिर आंदोलन और मंदिर निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है इसलिए उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
पत्रकार वार्ता में वामनजी मंदिर, स्वर्गद्वार महंत वैदेहीवल्लभ शरण, हिन्दू धाम के महंत राघवेशदास वेदांती, विद्या कुण्ड आश्रम महामंडलेश्वर प्रेमशंकरदास, राम कचहरी महंत शशिकान्त दास, साकेत भवन महंत सीतारामदास, सद्गुरु बधाई भवन महंत राजीवलोचनशरण, किरार मंदिर महन्त हरिमोहनशरण, स्वामी दिव्यानंद शास्त्री, हरिमोहन शरण, महंत रवि शंकर शरण प्रमुख रुप से उपस्थित रहे।


