नई दिल्ली । आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत गृह मंत्रालय ने 23 और दहशतगर्दों को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम-1967 (यूएपीए) के तहत आतंकवादी घोषित किया है। इस कार्रवाई के बाद यूएपीए की चौथी अनुसूची में नामित आतंकवादियों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। घोषित 23 आतंकवादियों में 17 पाकिस्तानी और छह भारतीय नागरिक हैं।
गृह मंत्रालय ने कहा कि इन आतंकवादियों को औपचारिक रूप से नामित किए जाने से उनके वित्तीय नेटवर्क, आवाजाही, भर्ती क्षमता और आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को और मजबूती मिलेगी।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े 23 खूंखार आतंकवादियों को यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि ये आतंकवादी भारत विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमलों, हथियारों की तस्करी, सीमा पार घुसपैठ, आतंकवादी संगठनों की मदद, धन जुटाने और आतंकवादियों की भर्ती में शामिल रहे हैं। शाह ने कहा कि मोदी सरकार भारत और उसके नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर आतंकी मॉड्यूल को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्रालय के अनुसार घोषित 23 आतंकवादियों में 17 पाकिस्तानी और छह भारतीय नागरिक हैं। सभी वर्तमान में पाकिस्तान अथवा पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) से भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं।
पाकिस्तानी आतंकवादियों में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से जुड़े मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान, हाफिज अब्दुल शकूर, अब्दुल्ला जिहादी, गुलाम फरीद, अशफाक अहमद, मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की और वसीम नूर जाट शामिल हैं। इसके अलावा अब्दुल रऊफ, हाफिज खालिद वालीद, मौलाना सैफुल्लाह खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ ताईबी, कारी याकूब शेख, राणा इफ्तिखार और मोहम्मद शहीद फैसल लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जमात-उद-दावा (जेयूडी), फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ), पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल), अल-कायदा और आईएसआईएस जैसे संगठनों से जुड़े बताए गए हैं।
भारतीय आतंकवादियों में फिरदौस अहमद भट, हारून रशीद गनई, बिलाल अहमद मीर, आबिद कयूम लोन, नज़ीर अहमद गुज्जर और ओवैस फारूज़ शामिल हैं। इनमें फिरदौस अहमद भट, हारून रशीद गनई, आबिद कयूम लोन, नज़ीर अहमद गुज्जर और ओवैस फारूज़ लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैं, जबकि बिलाल अहमद मीर लश्कर-ए-तैयबा के साथ-साथ द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) से भी संबद्ध है। मंत्रालय के अनुसार ये सभी भारतीय नागरिक वर्तमान में पाकिस्तान या पीओके से आतंकवादी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं।
मंत्रालय ने कहा कि इन आतंकवादियों को सूचीबद्ध करने का उद्देश्य उनके आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करना, वित्तीय स्रोतों पर रोक लगाना, भर्ती और आवाजाही की क्षमता को समाप्त करना तथा आतंकवाद के विरुद्ध भारत की कानूनी और सुरक्षा कार्रवाई को और प्रभावी बनाना है।


