जम्मू । भक्तों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हुआ, क्योंकि पवित्र अमरनाथ यात्रा आज से आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई। जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने लगभग 4822 शिव भक्तों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सुबह, पूजा-अर्चना और पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में वाहनों का पहला काफिला पवित्र गुफा की ओर बढ़ा। उप-राज्यपाल ने सभी यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सकुशल यात्रा की प्रार्थना की। उन्होंने अमरनाथ यात्रा को भक्ति और आध्यात्मिक जागृति का एक पवित्र मार्ग बताया, सभी भक्तों के लिए सुरक्षित, आरामदायक और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक यात्रा की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह तीर्थयात्रा सभी के लिए अपार खुशी और दिव्य शांति लाएगी।
इस वार्षिक तीर्थयात्रा के सुचारु संचालन के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन, श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, सुरक्षा बलों, स्थानीय लोगों और सभी हितधारकों ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पहले जत्थे में 4822 से अधिक तीर्थयात्री 259 हल्के और भारी वाहनों के काफिले में रवाना हुए। इस अवसर पर आयोजित समारोह में सांसद जुगल किशोर शर्मा, विधायक देवयानी राणा, विधायक अरविंद गुप्ता, आध्यात्मिक नेताओं, धार्मिक संगठनों के प्रमुखों, नागरिक प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा बल और श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
भगवती नगर बेस कैंप का माहौल भक्तिमय
भगवती नगर बेस कैंप में पूरा माहौल भक्तिमय था। अपनी यात्रा शुरू करने से पहले, तीर्थयात्री बम बम भोले, हर हर महादेव और जय बर्फानी बाबा की के जयकारों से वातावरण गुंजा रहे थे। कई यात्रियों ने यात्रा के सुचारु और शांतिपूर्ण संचालन के लिए की गई व्यवस्थाओं पर पूर्ण संतोष व्यक्त किया। उपराज्यपाल द्वारा झंडी दिखाकर रवाना किए गए इस जत्थे के साथ, गुरुवार से अब तक कुल 8,687 तीर्थयात्री जम्मू बेस कैंप से घाटी के लिए रवाना हो चुके हैं, जो इस पवित्र यात्रा के प्रति भक्तों के अटूट विश्वास और उत्साह को दर्शाता है। अधिकारियों ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और सभी ट्रांजिट कैंपों में कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है, ताकि यात्रा के काफिले की सुरक्षित और सुचारु आवाजाही बनी रहे। वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए भगवती नगर बेस कैंप और उसके आसपास भी बहु-स्तरीय सुरक्षा घेरा लागू किया गया है, जो किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तैयार है।


