इसी माह जून में शुरु हो सकती हैं सुविधा
नई दिल्ली । कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है, जिससे देश के करीब 7 करोड़ पीएफ खाताधारकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। अब पीएफ खाते में जमा पैसा एटीएम और यूपीआई के जरिए निकालना संभव हो जाएगा। केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने घोषणा कर बताया कि जून माह के अंत तक ईपीएफओ सदस्यों को यह नई सुविधा मिलनी शुरू होगी।
श्रम मंत्रालय की ओर से आए बड़े अपडेट में बताया गया है कि एटीएम और यूपीआई से पीएफ का पैसा निकालने की योजना अंतिम चरण में है और इसी चालू जून महीने से लागू होगी। बताया गया है कि 2.01 सर्वर शुरू होते ही यह नई योजना शुरू हो जाएगी, जिसके बाद यूपीआई के जरिए सीधे पीएफ अकाउंट से पैसे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जा सकते और फिर इस पैसे को एटीएम कार्ड के जरिए निकाला जा सकेगा। श्रम मंत्रालय इस व्यवस्था को जल्द शुरू करने की तैयारी पूरी कर चुका है।
श्रम मंत्रालय की बड़ी घोषणा से पहले, केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बीते मई महीने में इसके संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि जून से पीएफ अमाउंट यूपीआई का इस्तेमाल कर एटीएम से निकाला जा सकेगा। केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि ईपीएफओ को पूरी तरह से डिजिटलाइज कर पीएफ खाताधारकों को अपना पैसा निकालने के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और न ही लंबे-चौड़े फॉर्म भरने पड़ें।
इस नई सुविधा के तहत, एटीएम या यूपीआई के जरिए पीएफ निकासी की सीमा कस्टमर्स के कुल पीएफ बैलेंस के 50 प्रतिशत तक सीमित हो सकती है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए सदस्यों के पास एक्टिव यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) होना आवश्यक है, जो आधार, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट डिटेल और आईएफएससी कोड से जुड़ा हो। पीएफ खाते को यूपीआई से जोड़ने के लिए यूएएन का सक्रिय होना सबसे जरूरी शर्त है।
अनुमान है कि ईपीएफओ पोर्टल या उमंग एप में लॉग-इन करने पर वहां एक नया विकल्प लिंक पीएफ साथ यूपीआई या पीएफ निकासी वाय यूपीई दिखाई देगा। इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद सदस्य को अपनी यूपीआई आईडी दर्ज करनी होगी। इसके बाद संबंधित यूपीआई एप एक नोटिफिकेशन आएगा, जहां से पीएफ अकाउंट को जोड़ने की अनुमति देनी होगी। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि पूरा पीएफ अमाउंट केवल 55 साल की उम्र में रिटायर्ड होने पर, विकलांगता, छंटनी,सेल्फ़ रिटायरमेंट, विदेश में स्थायी ट्रांसफर या रिटायरमेंट फंड सेफ्टी जैसे विशेष मामलों में ही निकाला जा सकता है।


