हम लड़ेंगे और आगे बढ़ेंगे : मल्लिकार्जुन खडग़े
विपक्ष ने नीट पेपर लीक मामले पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई
एसआईआर, वोट लूट और चुनाव में चोरी के मुद्दे पर जल्द ही सीजेआई को पत्र लिखेगा विपक्ष
नई दिल्ली । दिल्ली में हुई इंडिया ब्लॉक की मैराथन बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने भाजपा सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। बैठक के बाद खडग़े ने कहा कि विपक्षी दल अब और मजबूती से लड़ाई लड़ेंगे और जनता के मुद्दों को लगातार उठाएंगे। उन्होंने कहा कि गठबंधन पांच बड़े मुद्दों पर एकमत हुआ है और आने वाले समय में सरकार को संसद से लेकर सडक़ तक घेरने की तैयारी की जाएगी। खडग़ेेे ने साफ कहा कि हम लड़ेंगे और आगे बढ़ेंगे। बैठक में करीब 25 विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया।
बैठक के बाद खडग़े ने नीट पेपर लीक मामले को युवाओं के भविष्य के साथ धोखा बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बडिय़ां लाखों छात्रों की मेहनत और उम्मीदों को बर्बाद कर रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर इंडिया ब्लॉक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। खडग़े ने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि गठबंधन मॉनसून सत्र में भी इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगा और छात्रों के साथ न्याय की मांग करेगा।
पांच मुद्दों पर सहमति बनी
इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि पांच मुद्दों पर सहमति बनी है और हम सभी उन्हें उठाने के लिए एकजुट हैं। ये पांच बड़े ऐलान है- महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक स्थिति के मुद्दे को देशभर में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बडिय़ों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा जाएगा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी रहेगी। विपक्षी गठबंधन मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर एसआईआर प्रक्रिया और मतदान अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाएगा। इंडिया ब्लॉक की बैठक अब हर दो महीने में होगी। अगली बैठक आठ अगस्त को हैदराबाद में आयोजित की जाएगी। संसद के मॉनसून सत्र में सभी विपक्षी दल मिलकर भाजपा सरकार के खिलाफ साझा रणनीति के तहत मुद्दे उठाएंगे।
महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार को घेरने की तैयारी
खडग़े ने कहा कि बैठक में आर्थिक स्थिति, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में आम लोगों की जिंदगी मुश्किल होती जा रही है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर गंभीर नहीं दिख रही। विपक्ष का कहना है कि बढ़ती कीमतों और बेरोजगारी ने युवाओं और मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। इंडिया ब्लॉक ने तय किया है कि आने वाले महीनों में इन मुद्दों पर संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। विपक्षी दलों का मानना है कि यही मुद्दे आने वाले चुनावों में निर्णायक साबित हो सकते हैं।
विदेश नीति और वोटर अधिकारों पर भी उठे सवाल
बैठक में खडग़े ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक विदेश नीति कमजोर हुई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की स्थिति प्रभावित हुई है। इसके अलावा उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि करोड़ों लोगों को मतदान अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। विपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत रखने के लिए चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होना जरूरी है। गठबंधन ने इस मामले को लेकर मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का फैसला भी किया है।
विपक्ष अब हर दो महीने में करेगा बड़ी बैठक?
खडग़े ने घोषणा की कि इंडिया ब्लॉक की अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में होगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन अब हर दो महीने में बैठक करेगा ताकि सभी दलों के बीच तालमेल मजबूत रहे। विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि लोकसभा में 17 अप्रैल 2026 को संविधान संशोधन विधेयक को हराकर विपक्ष ने अपनी एकजुटता साबित की थी। अब उसी एकता को आगे बढ़ाया जाएगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि संसद के भीतर और बाहर भाजपा सरकार के खिलाफ साझा रणनीति बनाई जाएगी।
2029 की लड़ाई की तैयारी शुरू हो गई
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इंडिया ब्लॉक अब सिर्फ संसद तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी भी शुरू कर चुका है। विपक्षी दल लगातार साझा मुद्दों और संयुक्त अभियानों पर जोर दे रहे हैं। खडग़े ने कहा कि जनता की आवाज दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। बैठक के जरिए विपक्ष ने यह संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई अब और आक्रामक तरीके से लड़ी जाएगी।
सोनिया गांधी से गले मिलीं ममता बनर्जी
विपक्षी इंडिया ब्लॉक की मीटिंग दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में चल रही है। इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सोनिया गांधी ने एक-दूसरे को गले लगाया। ममता बनर्जी कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के बगल में बैठीं। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बीच में बैठे नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े के एक तरफ राहुल गांधी बैठे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ सोनिया गांधी बैठी हैं।


