काकोली घोष का बड़ा दावा-एनडीए को समर्थन देने के लिए स्पीकर को भेजा पत्र
सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया
कोलकाता । विधायकों के बाद अब तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने भी ममता का साथ छोड़ दिया है। लोकसभा के 28 सांसदों में से 20 ने एनडीए सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है। सांसद और टीएमसी की पूर्व नेता काकोली ने भी सोमवार को यह दावा किया। उन्होंने बताया कि 20 सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है। इस बारे में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र भी भेज दिया गया है।
इनमें से 11 सांसदों ने सोमवार दोपहर केंद्रीय मंत्री और भाजपा के बंगाल प्रभारी भूपेंद्र यादव के घर पर मीटिंग की। इस दौरान सुबह टीएमसी के राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे चुके सुखेंदु शेखर रे भी मौजूद रहे। बंगाल सीएम शुभेंदु अधिकारी भी इनसे मिलने पहुंचे। बैठक में लोकसभा सांसद काकोली घोष, शताब्दी रॉय, अबू ताहिर, अरूप चक्रवर्ती, खलीलुर रहमान, शर्मिला सरकार, असित मल, कालीपद सोरेन, जगदीश बसुनिया और प्रसून बनर्जी मौजूद रहे। लोकसभा में टीएमसी के अभी 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। इससे पहले 3 जून को बंगाल के 80 में से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। इस गुट ने ऋतब्रत को अपना नेता बनाया है।
टीएमसी के लोग ममता से नाराज
टीएमसी के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर ने सोमवार सुबह ही राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया और पार्टी भी छोड़ दी। त्यागपत्र में उन्होंने ममता के 15 साल के अराजक शासन को पार्टी की हार का नतीजा बताया और भाजपा की तारीफ की थी। राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने सुखेंदु शेखर का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। सुखेंदु ने इस्तीफे के बाद मीडिया से कहा था कि पार्टी के कई लोग ममता मनमाने ढंग से पार्टी चला रही थीं, इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उनका कार्यकाल 2029 तक था। अब सीट खाली हो चुकी है, अब इस पर उपचुनाव कराया जा सकता है। सुखेंदु शेखर के इस्तीफे पर बंगाल में टीएमसी के बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि यह सिर्फ सुखेंदु की निजी बात नहीं है। मैंने सुखेंदु से सीधे बात नहीं की है, लेकिन टीवी पर उनके बयान देखे और सुने हैं। मैं उनकी बातों से सहमत हूं। राज्यसभा के कामकाज को लेकर सुखेंदु की बात काफी हद तक सही है। संसद कोई क्विज खेलने की जगह नहीं है। उधर, टीएमसी ने बागी नेता रीताब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के विधानसभा स्पीकर के फैसले को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कोर्ट ने तारीख तय नहीं की है।
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टीएमसी के 10 से अधिक पार्षदों के इस्तीफे से ममता को बड़ा झटका
पूर्व बर्धमान । पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक और बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पूर्व बर्धमान जिले की मेमारी नगर पालिका का बोर्ड उस समय ध्वस्त हो गया, जब टीएमसी के 10 से अधिक पार्षदों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफों के बाद नगर पालिका में पार्टी का बहुमत समाप्त हो गया और बोर्ड के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, 16 सदस्यीय मेमारी नगर पालिका में चेयरमैन स्वपन बिस्वासी समेत 11 पार्षदों ने अपने इस्तीफे नगर पालिका के कार्यपालन अधिकारी देबराज बंद्योपाध्याय को सौंप दिए। अधिकांश पार्षदों ने इस्तीफे के लिए व्यक्तिगत कारण बताए हैं, हालांकि कुछ पार्षदों का कहना है कि वे पद पर रहते हुए जनता की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे थे और नगर सेवाएं प्रभावित हो रही थीं।


