रांची । उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े बहुचर्चित पेपर लीक मामले में छह आरोपितों की जमानत याचिका पर शुक्रवार को अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई, जहां अभियोजन पक्ष की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए सोमवार, 1 जून की तिथि निर्धारित की है।
मामले में जिन आरोपितों ने जमानत याचिका दायर की है उनमें विकास कुमार, आशीष कुमार, योगेश प्रसाद समेत छह लोग शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से तीन आरोपित कथित पेपर सॉल्व गिरोह के एजेंट हैं, जिनकी भूमिका परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को कथित रूप से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और सॉल्विंग नेटवर्क संचालित करने में सामने आई है।
इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान मामले के अनुसंधानकर्ता ने अदालत में आरोपितों का आपराधिक इतिहास और केस डायरी प्रस्तुत की थी। अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत से विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था।
उल्लेखनीय है कि इस चर्चित मामले में अब तक 150 से अधिक आरोपितों को जमानत मिल चुकी है। हालांकि पुलिस की जांच अभी भी जारी है और कई बिंदुओं पर अनुसंधान किया जा रहा है।
दरअसल, 11 अप्रैल की रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित एक अर्धनिर्मित मकान में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का जमावड़ा लगा हुआ है। सूचना के आधार पर गठित विशेष छापेमारी दल ने देर रात उक्त स्थान पर कार्रवाई की। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो भवन के बाहर कई वाहन खड़े मिले। छापेमारी शुरू होते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर 166 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया था।
इसके बाद पुलिस ने जांच के क्रम में कई अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया। मामले को लेकर तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच एजेंसियां पेपर लीक नेटवर्क, सॉल्वर गैंग और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं।


