नई दिल्ली । दुनिया भर में बढ़ती ईंधन कीमतों और पर्यावरण के प्रति जागरूकता के कारण इलेक्ट्रिक कारें लोगों की पहली पसंद बनती जा रही हैं। इस नई तकनीक की जानकारी कम होने और लापरवाही की वजह से वाहन मालिकों को नुकसान उठाना पड़ता है। गर्मी के मौसम में इलेक्ट्रिक कारों की बैटरी और चार्जिंग को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार इलेक्ट्रिक कार चलाने के तुरंत बाद उसे चार्जिंग पर नहीं लगाना चाहिए। लंबे समय तक चलने के कारण बैटरी का तापमान पहले से ही बढ़ा हुआ होता है। ऐसे में तुरंत चार्जिंग शुरू करने पर बैटरी और अधिक गर्म हो सकती है, जिससे उसकी क्षमता प्रभावित होने के साथ हादसे का खतरा भी बढ़ सकता है।
इसलिए सलाह दी जाती है कि कार को कुछ समय ठंडा होने दिया जाए और उसके बाद ही चार्जिंग शुरू की जाए। गर्मी के मौसम में इलेक्ट्रिक कार को खुले स्थान पर पार्क करके चार्ज करने से भी बचना चाहिए। तेज धूप में वाहन और बैटरी दोनों का तापमान बढ़ जाता है। यदि कार को किसी ढकी हुई या छायादार पार्किंग में खड़ा करके चार्ज किया जाए तो बैटरी अधिक सुरक्षित रहती है और ओवरहीटिंग की संभावना कम हो जाती है। यही कारण है कि विशेषज्ञ हमेशा कवर्ड पार्किंग में चार्जिंग करने की सलाह देते हैं।
वाहन निर्माता कंपनियां इलेक्ट्रिक कारों को बाजार में उतारने से पहले कई स्तरों पर उनकी जांच करती हैं। चार्जर और कनेक्टर को इस तरह तैयार किया जाता है कि वे गर्मी, बारिश और धूल जैसी परिस्थितियों में भी सुरक्षित रूप से काम कर सकें। आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले चार्जर पूरी तरह वाटरप्रूफ और मजबूत सुरक्षा तकनीक से लैस होते हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रिक कारों में ऑन-बोर्ड सेंसर भी लगाए जाते हैं, जो किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में तुरंत बिजली की आपूर्ति रोक देते हैं। इससे वाहन और बैटरी दोनों सुरक्षित रहते हैं।


