पश्चिमी सिंहभूम । पश्चिमी सिंहभूम जिले के नक्सल प्रभावित घने सारंडा जंगल स्थित कोलबोंगा क्षेत्र में आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुए जंगली हाथी की गुरुवार देर शाम मौत हो गई। करीब एक सप्ताह तक वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम उसकी जान बचाने में जुटी रही, लेकिन गंभीर जख्म और बढ़ते संक्रमण के कारण आखिरकार हाथी ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों और वन्यजीव प्रेमियों में शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार 4 मई 2026 को कोलबोंगा जंगल में हुए आईईडी विस्फोट की चपेट में आने से हाथी बुरी तरह घायल हो गया था। विस्फोट इतना तेज था कि हाथी का एक पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पशु चिकित्सकों की निगरानी में हाथी का उपचार शुरू किया गया। जंगल के भीतर ही अस्थायी उपचार व्यवस्था बनाकर लगातार दवाइयां दी जा रही थीं। हाथी को संक्रमण से बचाने, दर्द कम करने और उसके शरीर में कमजोरी न बढ़े इसके लिए विशेष निगरानी रखी जा रही थी।
पशु चिकित्सक डॉ. संजय घोलतकर ने बताया कि विस्फोट के कारण हाथी के पैर में गहरा जख्म हो गया था। शुरुआती उपचार के बावजूद घाव में तेजी से संक्रमण फैलने लगा, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय टीम ने पूरी कोशिश की, लेकिन चोट अत्यधिक गंभीर होने के कारण हाथी को बचाया नहीं जा सका। डॉ. घोलतकर के अनुसार हाथी का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिससे मौत के वास्तविक कारणों की विस्तृत पुष्टि हो सकेगी।


