रांची । राज्य के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद गुरुवार को रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से बाहर आए। टेंडर घोटाला मामले में गिरफ्तार पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से जमानत पर बाहर निकले।आलमगीर आलम के जेल से बाहर आने की खबर से उत्साहित उनके समर्थक बड़ी संख्या में बिरसा मुंडा कारा पहुंचे हुए थे। जेल से बाहर निकलने पर उनके समर्थकों में गजब का उत्साह देखने को मिला। समर्थक आलमगीर आलम के वाहन पर पुष्प वर्षा कर रहे थे और उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब दिख रहे थे। जेल से बाहर निकलने पर अपने काफिले के साथ आलमगीर आलम रांची के धुर्वा स्थित आवास पहुंचे।
इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह समेत बड़ी संख्या में पार्टी के नेता कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में आलमगीर आलम ने जमानत मिलने पर न्यायालय का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है। उन्हें न्यायालय की पूरी प्रक्रिया पर भरोसा है। आलमगीर आलम ने कहा कि आगे भी सत्य की जीत होगी।आलमगीर आलम को प्रवर्तन निदेशालय ने मई 2024 को गिरफ्तार किया था।सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार सुबह मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और उनके पीए संजीव लाल को बड़ी राहत देते हुए जमानत दी थी। झारखंड हाईकोर्ट द्वारा पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और उनके पीए संजीव लाल की जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। प्रवर्तन निदेशालय ने आलमगीर आलम को 15 मई 2024 को टेंडर कमीशन घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था।यह कार्रवाई उनके करीबियों के ठिकानों पर की गई छापेमारी में 32.20 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद होने के बाद हुई थी।


