नई दिल्ली । आईटी सेवा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कॉग्निजेंट ने एक बड़े पुनर्गठन कार्यक्रम की घोषणा की है, जिसमें हजारों कर्मचारियों की छंटनी की आशंका है। कंपनी इस पर 20 से 32 करोड़ डॉलर खर्च करेगी। यह कदम अनिश्चित आर्थिक माहौल के बीच उत्पादकता और दक्षता बढ़ाने तथा कौशल की बदलती मांगों को पूरा करने के उद्देश्य से उठाया गया है। नैस्डैक पर सूचीबद्ध कॉग्निजेंट ने अपने प्रोजेक्ट लीप कार्यक्रम के तहत यह ऐलान किया है।
इसके तहत अप्रैल से दिसंबर के बीच कंपनी कर्मचारियों को बर्खास्त करने पर 20 से 27 करोड़ डॉलर का मुआवजा और 3 से 5 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त कार्मिक व्यय वहन करेगी। यह परियोजना बुधवार को पहली तिमाही के नतीजों के साथ घोषित की गई। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) क्षमताओं में अधिक निवेश करना, कर्मचारियों के कौशल को बढ़ाना और उन्हें बाजार की मांगों के अनुरूप ढालना है। इससे कंपनी के परिचालन मॉडल में सुधार होगा और उत्पादकता बढ़ेगी। कंपनी को उम्मीद है कि इस साल उसे 20 से 30 करोड़ डॉलर की बचत होगी, जिससे मार्जिन में 20 से 40 आधार अंकों की वृद्धि होगी।


