जयशंकर ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के लोकसभा में गिर जाने पर विपक्ष को घेरा
नई दिल्ली । विदेश मंत्री और राज्यसभा सांसद एस जयशंकर ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के लोकसभा में गिर जाने के बाद विपक्ष को घेरा। उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज देश ने इन दलों का असली चेहरा देख लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने वाले संविधान संशोधन को रोककर विपक्ष ने महिलाओं के वैध अधिकारों से उन्हें वंचित कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जयशंकर ने कहा कि आज देश की महिलाएं और पूरा राष्ट्र इस घटनाक्रम को देख रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘नारी शक्ति’ का जो अपमान हुआ है, उसे कभी माफ नहीं किया जाएगा। लोकसभा में संविधान विधेयक, 2026 के जरूरी दो-तिहाई बहुमत से पारित नहीं हो सका। शुक्रवार को हुए मतदान में 528 सदस्यों में से 298 ने विधेयक के पक्ष में और 230 ने विरोध में मतदान किया, लेकिन यह दो-तिहाई बहुमत से पारित नहीं हो सका और सरकार को करीब 54 वोटों की कमी रह गई।
शुक्रवार को संसद में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के फ्लोर लीडर्स की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में तय किया गया कि एनडीए के घटक दल संसद में विपक्ष के महिला सशक्तिकरण के विरोध के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। सरकार ने तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया था, जिसमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 पर चर्चा और प्रस्तुति की गई। विपक्ष ने महिलाओं के आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने का विरोध किया।


