बिना सुरक्षा उपकरण के कार्य करने को मजबूर है सफाई कर्मचारी
संताल एक्सप्रेस संवाददाता
राजमहल- राजमहल नगर पंचायत में साफ-सफाई का जिम्मा संभाल रही आउटसोर्सिग एजेंसी आकांक्षा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. बुधवार को एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है. जहां इस कार्यकारी एजेंसी द्वारा कचरा प्रबंधन के कार्यों में नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो और कुछ तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं. जिसमें वार्ड संख्या 07, हाटपाड़ा स्थित डंपिंग यार्ड में कचरा अनलोडिंग के दौरान दो छोटे बच्चे कचरा वाहन पर चढ़कर काम करते नजर आ रहे हैं. जबकि एक बच्चा नीचे कचरा चुनने देखा गया.
धमकी और मजबूरी का खेल
वायरल वीडियो में बच्चों ने अपनी पहचान और उम्र का खुलासा करते हुए खुद को 8, 10 और 11 वर्ष का बताया है. स्थानीय सूत्रों और वायरल जानकारी के अनुसार, डंपिंग यार्ड में यह स्थिति आए दिन देखने को मिलती है. आरोप है कि डंपिंग यार्ड में कचरा खाली करने के बदले बच्चों के सामने एक शर्त रखी जाती है. इन बच्चों को कचरे से प्लास्टिक या अन्य कीमती सामान चुनने की अनुमति तभी दी जाती है.जब वे वाहन से कचरा खाली करने में मदद करते हैं. यदि बच्चे गाड़ी खाली करने से मना करते हैं. तो उन्हें यार्ड से खदेड़ दिया जाता है. इस तरह का शोषण लंबे समय से जारी है. जिससे बच्चों का बचपन और स्वास्थ्य दोनों दांव पर लगा है. हालांकि वायरल हो रहे इस वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल लंबित है. लेकिन इसने प्रशासन की सतर्कता और बाल श्रम कानून के पालन पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं.
आकांक्षा कंपनी के सुपरवाइजर ने कहा…
इस गंभीर मामले पर सफाई एजेंसी आकांक्षा के सुपरवाइजर आशीष कुमार मंडल ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका तर्क है कि कंपनी आधिकारिक तौर पर किसी नाबालिग से काम नहीं कराती है. उन्होंने संभावना जताई कि कचरा चुनने वाले बच्चे अपनी मर्जी से वाहन पर चढ़कर कचरा खाली कर रहे होंगे.
नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा……
इस पूरे प्रकरण पर नगर पंचायत अध्यक्ष केताबुद्दीन शेख ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि नाबालिग बच्चों से काम कराना पूरी तरह से गलत और गैरकानूनी है. उन्होंने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं. तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.


