मुंबई । मुंबई के पश्चिमी उपनगर गोरेगांव में आयोजित एक लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान ड्रग्स के ओवरडोज से दो लोगों की मौत का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मृतकों में एक युवक और एक युवती शामिल हैं, जो दोनों उच्च शिक्षित एमबीए छात्र बताए जा रहे हैं। जबकि एक युवती की हालत गंभीर बनी हुई है। बताया गया है कि मृतक दक्षिण मुंबई के एक प्रतिष्ठित मैनेजमेंट कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे। दोनों अपने 15 दोस्तों के समूह के साथ कॉन्सर्ट में शामिल हुए थे। जांच में सामने आया है कि दोनों छात्रों ने कॉन्सर्ट से पहले और उसके दौरान एक्स्टेसी टैबलेट्स का सेवन किया था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 11 अप्रैल को गोरेगांव इलाके में नेस्को एक्ज़िबिशन सेंटर में आयोजित एक लेट-नाइट टेक्नो म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान यह घटना हुई। वहां एक बड़े स्तर पर लाइव कॉन्सर्ट आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 3 से 4 हजार युवक-युवतियां शामिल हुए थे। संगीत और पार्टी के माहौल में शराब के साथ-साथ ड्रग्स के इस्तेमाल की भी जानकारी सामने आई है। कार्यक्रम के दौरान कुछ युवाओं ने कथित तौर पर अधिक मात्रा में ड्रग्स का सेवन कर लिया, जिससे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। दो युवतियों को तुरंत हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि एक युवक को लाइफ लाइन अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान लाइफ लाइन अस्पताल में भर्ती युवक की मौत हो गई। वहीं ट्रॉमा केयर अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद दोनों युवतियों को आगे के इलाज के लिए निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां सोमवार दोपहर एक युवती ने दम तोड़ दिया।
दूसरी युवती की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। इस मामले में वनराई पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है और पुलिस जांच कर रही है। इस मामले में पुलिस ने लापरवाही और सदोष मनुष्यवध का मामला दर्ज करते हुए आयोजक सनी जैन, अन्य इवेंट आयोजकों और मृत छात्रों के दो मित्र को आरोपी बनाया है। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों के खून के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किस प्रकार के ड्रग्स का सेवन किया गया था। इस बीच खबर है कि पुलिस ने मृतकों के दोस्तों से पूछताछ की, जिसमें पता चला कि उनके ही दो मित्रों ने उन्हें ये ड्रग्स उपलब्ध कराए थे। इसके बाद उन दोनों छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा, कॉन्सर्ट आयोजन से जुड़े तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनमें प्रदर्शनी मैदान का एक वरिष्ठ प्रबंधकीय अधिकारी भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि आयोजकों की लापरवाही के कारण कार्यक्रम स्थल पर ड्रग्स लाए गए और उनका सेवन हुआ। बहरहाल इस घटना ने एक बार फिर मुंबई और पुणे जैसे शहरों में हाई-प्रोफाइल पार्टियों में बढ़ते ड्रग्स के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर यह कि क्या इसका असर अब सीधे कॉलेज के छात्रों तक पहुंच चुका है और युवाओं में बढ़ते नशे के चलन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही इस घटना के बाद शहर में बड़े आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। जागरूक लोगों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों में ड्रग्स के इस्तेमाल को रोकने के लिए आयोजकों और प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे। साथ ही युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता भी बेहद जरूरी है।


