रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में शिक्षकों की नियमित बहाली का मुद्दा विधायक प्रदीप यादव ने उठाया । उन्होंने ध्यानाकर्षण के माध्यम से नीड बेस्ड शिक्षकों के भविष्य और बहाली की शर्तों को लेकर सरकार से सवाल किए। इस पर सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार ने विभाग की स्थिति और नियमों को स्पष्ट किया।
सदन में प्रदीप यादव ने कहा कि विभाग ने उन शिक्षकों के साथ न्याय नहीं किया है, जो करीब 15 वर्षों से पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सेवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन के अनुसार बीटेक मूल आधार होना चाहिए, लेकिन विभाग ने बीटेक के लिए केवल 10 अंक तय किए हैं, जबकि एमटेक और एमफिल के लिए 15-15 अंक निर्धारित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से लंबे समय से पढ़ा रहे कई शिक्षक चयन प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं। उन्होंने मांग की कि अनुभव के आधार पर अधिक वेटेज दिया जाए। यादव ने कहा कि बिहार की तर्ज पर अनुभव के लिए 25 अंकों का प्रावधान होना चाहिए, जबकि फिलहाल केवल 5 अंक दिए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के करीब 50 विधायकों ने इन शिक्षकों के समर्थन में लिखित आग्रह किया है। साथ ही सुझाव दिया कि यदि अंकों के आधार पर विवाद की स्थिति बनती है तो चयन प्रक्रिया झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से लिखित परीक्षा लेकर भी कराई जा सकती है।
इस पर जवाब देते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार की सहानुभूति इन शिक्षकों के साथ है, लेकिन कुछ तकनीकी और कानूनी बाध्यताएं भी हैं। उन्होंने बताया कि जब विभाग ने इस विषय पर जेपीएससी से सुझाव मांगा तो आयोग ने स्पष्ट किया कि अनुभव के आधार पर 5 अंक से अधिक की अधिमानता नहीं दी जा सकती।
मंत्री ने यह भी कहा कि एआईसीटीई केवल न्यूनतम योग्यता तय करता है, जबकि शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया में विभाग यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन की गाइडलाइंस का पालन कर रहा है। इसलिए एमटेक या पीएचडी जैसे उच्च शिक्षित अभ्यर्थियों को अधिक अंक मिलना स्वाभाविक है।
उन्होंने सदन को बताया कि यदि आवेदकों की संख्या पदों से तीन गुना अधिक होती है तो विभाग लिखित परीक्षा आयोजित करने पर विचार कर सकता है। मंत्री ने कहा कि बहाली प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी नियमों का पालन किया जा रहा है।
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यूपीएससी सफल युवाओं को सम्मानित करे राज्य सरकार: प्रदीप यादव
रांची। झारखंड विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर पोड़ैयाहाट से विधायक प्रदीप यादव ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय क्रिकेट टीम की शानदार जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया की यह सफलता पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।
विधायक ने इस अवसर पर झारखंड के उन युवाओं की भी सराहना की, जिन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि खेल के मैदान में देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों की तरह ही प्रशासनिक सेवा में सफल हुए युवाओं पर भी राज्य को गर्व है। प्रदीप यादव ने रांची के मोहम्मद इश्तिया रहमान, धनबाद के शुभम कुमार महतो और दुमका के सुदीप आदत्ता समेत कई सफल युवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनकी उपलब्धियां पूरे राज्य के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित किया जाए।
इस दौरान विधायक ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की स्थिति और राष्ट्रीय संप्रभुता को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह गंभीर विषय है कि भारत को तेल खरीदने जैसे मामलों में भी अमेरिका की अनुमति लेने की चर्चा सामने आती है।
उन्होंने कहा कि भारत एक स्वतंत्र देश है और उसे अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार है। देश की जनता भी चाहती है कि राष्ट्रीय हितों से जुड़े मामलों में स्पष्ट और मजबूत रुख अपनाया जाए। विधायक ने नरेंद्र मोदी से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील करते हुए कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के बीच देश के आत्मसम्मान और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता को बनाए रखना बेहद जरूरी है।


