शेखर सुमन
प्रश्न: आप देवघर नगर निगम के निर्वाचित मेयर बने हैं। इस जनादेश को कैसे देखते हैं?
उत्तर: यह जीत देवघर की जनता के भरोसे की जीत है। मुझे 24,719 वोट मिले हैं, जबकि निकटतम प्रतिद्वंदी को 19,571 वोट प्राप्त हुए। 5,148 मतों के अंतर से मिली यह जीत मेरी जिम्मेदारी को और बढ़ा देती है।
प्रश्न: इतनी स्पष्ट जीत के बाद आप सबसे बड़ी चुनौती किसे मानते हैं?
उत्तर: सबसे बड़ी चुनौती जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना है। लोगों ने बदलाव की अपेक्षा के साथ मतदान किया है और अब उस भरोसे को काम के जरिए साबित करेंगे।
प्रश्न: शपथ ग्रहण से पहले आपने अपनी प्राथमिकताएँ किस रूप में तय की हैं?
उत्तर: शपथ लेने के बाद सबसे पहले शहरवासियों को शुद्ध और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने पर काम शुरू होगा। इसके साथ ही खेल मैदानों के विकास और क्षेत्रवार लाइब्रेरी की स्थापना को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रश्न: आपके अनुसार देवघर की सबसे बड़ी समस्या क्या है?
उत्तर: नगर निगम क्षेत्र में शामिल 44 गांव लंबे समय से विकास से वंचित रहे हैं। इन इलाकों को मुख्यधारा में लाना सबसे जरूरी है।
प्रश्न: नगर निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
उत्तर: सभी निर्णय नगर निगम बोर्ड की बैठकों में लिए जाएंगे। विकास कार्यों को पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ लागू किया जाएगा। बुनियादी सुविधाओं पर विशेष फोकस
प्रश्न: पेयजल संकट से निपटने के लिए आपकी रणनीति क्या होगी?
उत्तर: जलापूर्ति योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराकर शहर के हर हिस्से तक पानी पहुंचाने का प्रयास रहेगा।
प्रश्न: सड़कों, नालियों और स्ट्रीट लाइट की बदहाली को लेकर आपकी योजना क्या है?
उत्तर: जिन इलाकों में स्थिति ज्यादा खराब है, वहां प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू कराया जाएगा। सुधार कार्य चरणबद्ध तरीके से किए जाएंगे।
प्रश्न: स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को लेकर क्या बदलाव देखने को मिलेंगे?
उत्तर: सफाई व्यवस्था को नियमित रखने के लिए सफाईकर्मियों के भुगतान और आवश्यक संसाधनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि व्यवस्था बाधित न हो।


