कंवेंशन सेंटर दुमका में बिदेंश्वरी प्रसाद मंडल की जन्म जयंती पर पिछड़ा अधिकार महासम्मेलन का आयोजन
दुमका ब्यूरो
दुमका। कन्वेंशन सेंटर दुमका के प्रशाल में रविवार को झारखंड पिछड़ा मोर्चा दुमका के बैनर तले मोर्चा के संयोजक सुधीर कुमार मंडल के अध्यक्षता में पिछड़ों के मसीहा दिवंगत बिदेंश्वरी प्रसाद मंडल की जन्म जयंती पर पिछड़ा अधिकार महा सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बीपी मंडल की तस्वीर पर सभी पिछड़ा समाज के लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर की । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पिछड़ा नेता सुधीर मंडल ने कहा कि झारखंड राज्य गठन हुए 24 वर्ष बीतने जा रहे है| इन 24 वर्षों में झारखंड राज्य में बारी -बारी से एनडीए एवं यूपीए ने सरकार बनाई, परंतु पिछड़ा वर्ग की किसी भी राजनैतिक दल ने सुधि तक नहीं ली। एकीकृत बिहार के समय में हम पिछड़ी जातियों को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलता था, परंतु राज्य अलग होते ही झारखंड में पिछड़ी जातियों का आरक्षण 27 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया एवं जिला रोस्टर में दुमका सहित 7 जिला में पिछड़ी जाति का आरक्षण शून्य कर दिया गया जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मोर्चा के नेता राधेश्याम वर्मा ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर झारखंड पिछड़ा मोर्चा ने पिछड़ा अधिकार महासम्मेलन का आयोजन कर सरकार को चेतावनी देती है कि जो सरकार पिछड़ा समाज के हित का ध्यान नहीं रखेंगी व आरक्षण नहीं देंगी उस सरकार को उखाड़कर फेंक दिया जाएगा । मोर्चा के नेता वरुण यादव ने उपस्थित जनसमूह से आग्रह किया कि हमें सबो को राजनैतिक दलों से मोहभंग कर पिछड़ा वर्ग के हित के लिए सड़क से लेकर संसद तक एकजुट होकर लड़ाई लड़नी हैं, तभी हमलोगों को अधिकार मिलेगा। कार्यक्रम का मंच संचालन जयप्रकाश यादव एवं धन्यवाद ज्ञापन भीम प्रसाद मंडल ने किया। कार्यक्रम को प्रेम केशरी, इंद्रकांत यादव, शोभा देवी, गोकुल बिहारी सेन, जगदीश राय, प्रमोद जयसवाल, नंदकिशोर भंडारी, चंद्रकिशोर सिंह, राजीव गुप्ता, शोभानंद ठाकुर, सदानंद बाबा, ओम मांझी, राजेश मंडल, भरत मंडल, संजय मंडल ने अपनी ओजस्वी वाणी से उपस्थित जनसमूहों को पिछड़ा वर्ग के हित में अपनी विचार वक्त किये। कार्यक्रम के पश्चात कन्वेंशन सेंटर से मुख्य बाजार तक अधिकार रैली निकाली गई। इस मौके पर संदीप कुमार जय बमबम, तीर्थनाथ मंडल, प्रशांत मंडल, मोहम्मद कलाम कदारी, राजेश कुमार गुप्ता, घनश्याम साह, राजकिशोर भगत, महादेव मंडल, आनंदी राउत, छोटेलाल मंडल, जितेंद्र साह, संजय जयसवाल, गदाधर दास, धन्नजय मंडल, धर्मराज, लक्ष्मी नारायण साह, लंबोदर यादव, सुभाष मंडल, नरसिंह महतो, लक्ष्मी यादव, प्रफुल्ल मंडल, लक्ष्मीनारायण साह, प्रदीप कुमार दर्वे, निर्मल कुमार रक्षित, रामयश यादव, सुनील यादव,मोहन राउत, मुकेश, संदीप, दिपेश, छोटू, रवि, कलावती देवी, चंपा देवी, रूपा देवी आदि हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे।


