मुम्बई । भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) अब खिलाड़ियों को प्रदर्शन के आधार पर वेतन देने की योजना बना रहा है। बीसीसी को ये विचार ऑस्ट्रेलिया में खेली गई बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भारतीय टीम के खराब प्रदर्शन के बाद आया है। इस बारे में समीक्षा बैठक में भी विचार हुआ था। इस बैठक में कप्तान रोहित शर्मा मुख्य कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर भी शामिल थे. एक रिपोर्ट के अनुसार इस समीक्षा बैठक में एक सुझाव दिया गया कि खिलाड़ियों को अब उनके प्रदर्शन के अनुरुप ही वेतन दिया जाना चाहिये। अभी अभी को एक तय रकम मिलती है।
ये प्रस्ताव इसलिए लाया गया है जिससे कि खिलाड़ी अधिक जवाबदेह हों। इसके अलावा यदि आवश्यक हो, तो उनके प्रदर्शन के आधार पर वेतन में कटौती की जा सके। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि किसी खिलाड़ी का प्रदर्शन उम्मीद के अनुसार नहीं होता है, तो इसका असर उसकी कमाई पर भी पड़ेगा। इससे उन्हें संदेश मिलेगा कि खराब प्रदर्शन के आधार पर वह अधिक वेतन की उम्मीद न करें।
वहीं पिछले साल बोर्ड ने टेस्ट के प्रति खिलाड़ियों का रुझान बढ़ाने की पहल करते हुए नई प्रणाली शुरू की थी। इसके तहत जो खिलाड़ी 2022-23 सीजन से एक सीजन में 50 फीसदी से अधिक टेस्ट मैच खेलते हैं उन्हें हर एक मैच के लिए 30 लाख रुपये का वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा और जो खिलाड़ी एक सीजन में कम से कम 75 फीसदी मैच खेलते हैं उनके लिए यह राशि प्रति मैच 45 लाख रुपये हो जाएगी। बीसीसीआई समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने यह भी कहा कि कुछ खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट को कम महत्व दे रहे हैं जबकि इसके प्रति गंभीरता होनी चाहिये।


