बुजुर्ग और युवाओं में नजर आ रहा एक विशेष उत्साह
मुंबई । महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों को लेकर आंकड़े सामने आए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा डेटा के मुताबिक महाराष्ट्र में कुल 9.7 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से 100 साल या उससे ज्यादा उम्र के 47,392 मतदाता हैं। यह आंकड़ा न केवल चौकाने वाला है, बल्कि राज्य में लंबे समय से चली आ रही लोकतांत्रिक प्रक्रिया में वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी को भी दर्शाता है। सबसे बुजुर्ग मतदाता की आयु 109 साल है, जो चुनाव में मतदान करने का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 18-19 उम्र के युवा मतदाताओं की संख्या 22,22,704 है। कुल पंजीकृत मतदाताओं में 5,00,22,739 पुरुष, 4,69,96,279 महिलाएं और 6,101 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं।
चुनाव आयोग के मुताबिक 288 विधानसभा सीटों के लिए 7994 उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए हैं, जबकि 921 नामांकन पत्र अवैध करार दिए गए हैं। नामांकन की प्रक्रिया 22 से 29 अक्टूबर तक चली थी और नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 4 नवंबर है। चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी महायुति और विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) गठबंधन के बीच है। महायुति में बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी (अजीत गुट) शामिल हैं, जबकि एमवीए में कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी शामिल हैं। इन प्रमुख गठबंधनों के अलावा, छोटी पार्टियां और निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में किस्तमत आजमा रहे हैं, जो चुनावी समीकरण को और दिलचस्प बना रहे हैं। महाराष्ट्र के मतदाता इस बार उत्साह के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे, खासकर बुजुर्ग और युवा मतदाताओं की संख्या के चलते चुनाव में एक विशेष उत्साह नजर आ रहा है।


