●दुमका सीट पर टिकट को लेकर चल रही बहस के बीच हुई चाकूबाजी
●चाकू से घायल भाजपा कार्यकर्ता अनुज सिंह पूर्व मंत्री डॉ. लुईस मरांडी का है समर्थक
●सुनील सोरेन समर्थक कार्यकर्ता सीताराम मिश्र पर लगा चाकू से घायल करने का आरोप
●पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ता सीताराम मिश्र,उनके दो बेटों समेत चार लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किया
दुमका ब्यूरो
दुमका । भाजपा ने अभी अपने प्रत्याशियों के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है पर मीडिया में आ रही प्रत्याशियों की संभावित सूची पर दुमका में पूर्व सांसद सुनील सोरेन और पूर्व मंत्री डॉ.लुईस मरांडी के समर्थकों के बीच चाकूबाजी की घटना हो गई।चाकूबाजी में घायल भाजपा कार्यकर्ता अनुज सिंह पूर्व मंत्री डॉ. लुईस मरांडी के समर्थक हैं।जबकि चाकूबाजी का आरोपी भाजपाई सीताराम मिश्रा पूर्व सांसद सुनील सोरेन का समर्थक बताया जा रहा है।चाकूबाजी की यह घटना दुमका शहर के इंदिरानगर मुहल्ले में बुधवार की रात 11.15 बजे हुई।पुलिस ने इस मामले में भाजपा कार्यकर्ता सीताराम मिश्र,उनके दो बेटों हरि एवं गोविंद कुमार और आलोक साह के विरुद्ध नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की है।
घटना के संबंध में घायल कार्यकर्ता अनुज सिंह ने पत्रकारों को दिए बयान में कहा कि दुमका सीट से सुनील सोरेन को टिकट मिलने की मीडिया में चल रही खबर को लेकर उनकी सीताराम मिश्र से बहस हो रही थी।सीताराम मिश्र ने मैडम(डॉ. लुईस मरांडी) के बारे में अनर्गल टिप्पणी किया जिससे बात बढ़ गई।बहसबाजी के दौरान ही सीताराम मिश्र के बेटा ने अनुज सिंह के पेट में चाकू से वार कर दिया।चाकूबाजी में घायल भाजपा कार्यकर्ता अनुज सिंह को फूलो झानो मेडिकल कॉलेज,दुमका में भर्ती कराया गया था।रात में ही उन्हें दुर्गापुर रेफर कर दिया गया था।दुर्गापुर में इलाज के बाद वे वापस दुमका लौट आए हैं।डॉक्टरों ने अनुज सिंह को खतरे से बाहर बताया है।पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है।किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।सभी आरोपी फरार हैं।इस बीच पूर्व सांसद सुनील सोरेन के समर्थकों का कहना है कि इस घटना में सुनील सोरेन का नाम बिना वजह घसीटा जा रहा है।
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भाजपा का अंतर्कलह उजागर,चुनाव पर पड़ेगा असर
बता दें कि दुमका में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच गुटबाजी चरम पर है।यहां जितने नेता हैं,उतना गुट है।उनमें सुनील सोरेन और डॉ लुईस मरांडी के गुटों के कार्यकर्ताओं के बीच अक्सर विवाद होता है पर दोनों गुटों के बीच चाकूबाजी की हद तक जाने की घटना पहली बार हुई है।चुनाव की घोषणा के साथ ही जिस तरह भाजपाइयों के बीच चाकूबाजी की घटना हुई है,उससे भाजपा के अंदर व्याप्त अंतर्कलह उजागर हो गया है।विधानसभा चुनाव में इस गुटबाजी का असर पड़ना तय है।


