– पोड़ैयाहाट में न्याय आपके द्वार कार्यक्रम के तहत लगाया गया शिविर
गोड्डा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से पोड़ैयाहाट प्रखंड के कस्तूरी गांव के हरिजन टोला में न्याय आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान डालसा की ओर गठित टीम में पीएलवी शंकर चंद्र सेन व मोहम्मद हसीब ने नालसा के प्रोजेक्ट वात्सल्य के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थ के सेवन से बच्चे पतन की ओर जाते हैं। नशा बच्चे के विकास में बाधक बनती हैं। बताया गया कि यह नशीले पदार्थ कैसे परिवार के सुख् एवं शांति को नष्ट कर देती है। प्रोजेक्ट वात्सल्य का मुख्य उद्देश्य यह है कि जो बच्चे नशा का शिकार हो गए हैं। उसके लिए पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई है। खासकर सड़क पर या गंदी बस्ती में रहने वाले बच्चों की मैपिंग, प्रायोजन, फोस्टर योजनाओं के साथ जुड़ाव, रीनपास में इलाज एवं काउंसिलिंग, ऐसे बच्चों का सरकारी विद्यालयों में दाखिला (अधिमानत: सरकारी आवासीय विद्यालय में) व्यक्तिगत बाल देखभाल, योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने , ऐसे बच्चे का पुनर्वास पूरा होने तक उचित निगरानी करना शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न जगहों पर शिविर आयोजित कर विविध जानकारी दी गई। वहीं ग्रामीणों को बाल विवाह रोकने की दिशा में अहम भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह कानूनी रूप से अपराध है। 18 वर्ष से कम उम्र में लड़की व 21 से कम उम्र में लड़का की शादी कराना गैर कानूनी है। यह उम्र बालक-बालिकाओं के विकास व पठन- पाठन के लिए उपयुक्त होता है। कम उम्र में शादी हाेना उनके जीवन के साथ खिलवाड़ करना है। इसके लिए उभय पक्षों के अलावा पंडित, मौलवी, बाराती सहित शामिल होने वालों के लिए सजा व जुर्माना का प्रावधान है। इसके लिए जन जागरुकता की जरुरत है। कुरीतियों पर लगाम लगाने के लिए ही प्राधिकरण की ओर से जगह-जगह जागरुकता शिविर व विद्यालयों में लीगल लिटरेसी क्लास का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर दर्जनों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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