●संताल परगना की 18 में 9 पर झामुमो तो 5 सीटों पर है कांग्रेस का कब्जा,मात्र चार सीटों पर है भाजपा
●संताल की सभी आदिवासी सुरक्षित 7 सीटों पर है झामुमो का कब्जा
●झामुमो के मुकाबले कांग्रेस को चुनौती देना भाजपा के लिए आसान
सुमन सिंह
दुमका।विधान सभा चुनाव को लेकर भाजपा और झामुमो रेस है।जबकि कांग्रेस अभी तक कोई बड़ा कार्यक्रम लेकर जनता के बीच नहीं पहुंची है।इंडी गठबंधन को दोबारा सत्ता में आने के लिए झामुमो के साथ उसके सहयोगी दलों कांग्रेस और राजद को मजबूत रहना भी जरूरी है।
वर्तमान में इंडी गठबंधन अगर संताल परगना में भाजपा के मुकाबले में मजबूत स्थिति में है तो इसमें कांग्रेस का भी अहम योगदान है।संताल परगना की 18 विधानसभा सीटों में जहां 9 सीटों पर झामुमो का कब्जा है,वहीं पोड़ैयाहाट से प्रदीप यादव सहित 5 सीटों पर कांग्रेस के विधायक जीते हैं।संताल परगना में भाजपा मात्र 4 सीटों के साथ तीसरे नम्बर पर है।पर विधान सभा चुनाव 2024 का भी परिणाम यही रहेगा,यह जरूरी नहीं है।भाजपा संताल परगना की सभी 18 सीटों में एसटी सुरक्षित कुछ सीटों को छोड़ कर इंडी गठबंधन को कड़ी टक्कर देने की स्थिति में है।यहां एसटी सुरक्षित सीटों पर झामुमो की मजबूत स्थिति का अंदाजा इसी तथ्य से लगा सकते हैं कि सभी 7 एसटी सुरक्षित सीटों पर झामुमो का कब्जा है।2024 कि विधानसभा चुनाव में भी एसटी सीटों पर झामुमो और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है।आज भी एसटी सीटों पर झामुमो को चुनौती देने में भाजपा को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।दूसरी ओर संताल परगना की जो 5 सीटें हैं ,वे सभी सामान्य सीटें है।इनमें आलमगीर आलम की पाकुड़ और डॉ इरफान अंसारी की जामताड़ा,कांग्रेस की दो ही ऐसी सीटें है जिन पर कांग्रेस को चुनौती देना भाजपा के लिए आसान नहीं है।प्रदीप यादव के कारण कांग्रेस की पोड़ैयाहाट सीट मजबूत है पर प्रदीप यादव को विधानसभा में जाने से रोकने के लिए भाजपा एक साथ कई रणनीति पर काम कर रही है।बादल की जरमुंडी सीट और दीपिका पांडेय सिंह की महागामा विधान सभा क्षेत्र में भी कांग्रेस की मजबूत घेराबंदी करने में भाजपा जुटी हुई है।भाजपा के रणनीतिकार हर हाल में कोल्हान की तरह संताल परगना में अपनी सीटें बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।भाजपा के चुनावी रणनीतिकार यह समझ रहे हैं कि संताल परगना में आदिवासी सुरक्षित सीटों को झामुमो से छिनना बहुत आसान नहीं रह गया है।ऐसी हालत में भाजपा आदिवासी सुरक्षित सीटों के बजाए कांग्रेस के कब्जे वाली सामान्य सीटों को जीतने पर अधिक फोकस करेगी।
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आलमगीर आलम जेल में हैं,बादल को मंत्री पद से हाथ धोना पड़ा था
दुमका।पाकुड़ कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहा है।यहां से पार्टी के दिग्गज नेता आलमगीर आलम विधायक हैं जो टेंडर कमीशन घोटाला मामले में जेल में हैं।चुनाव में आलमगीर आलम कांग्रेस से प्रत्याशी होंगे,यह अभी तय नहीं है।जरमुंडी से कांग्रेस के विधायक बादल हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री थे।कुछ माह पूर्व उन्हें पार्टी की अंदरूनी राजनीति की वजह से मंत्री पद से हाथ धोना पड़ा था।लोकसभा चुनाव में जरमुंडी में कांग्रेस का प्रदर्शन ठीक नहीं रहा था।विधान सभा चुनाव में बादल कितना डैमेज कंट्रोल कर पाते हैं,यह आने वाला चुनाव परिणाम से पता चलेगा।
संताल परगना में कांग्रेस की 5 सीटें
1.जरमुंडी-बादल
2.जामताड़ा-डॉ इरफान अंसारी
3.पाकुड़-आलमगीर आलम
4.पोड़ैयाहाट-प्रदीप यादव
5.महागामा-दीपिका पांडेय सिंह


