दुमका ब्यूरो
सरैयाहाट: बिहार और झारखंड को जोड़ने वाले अहम हंसडीहा-भागलपुर मुख्य मार्ग (एनएच-133ई) पर सफर करने वाले यात्रियों और मालवाहकों के लिए एक जरूरी खबर है। भलजोर चेकपोस्ट के पास बने करीब 50 साल पुराने पुल के गार्डर में खतरनाक दरार सामने आई है। किसी बड़े हादसे की आशंका को भांपते हुए विभाग ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है और सुरक्षा के मद्देनजर पुल के दोनों ओर अवरोधक लगाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। जल्द ही इस पुल से भारी मालवाहक वाहनों और यात्री बसों के गुजरने पर पूरी तरह ब्रेक लग जाएगा।
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*डायवर्जन से बढ़ेगी दूरी, जेब पर पड़ेगा सीधा असर*
सुरक्षा के लिहाज से उठाया गया प्रशासन का यह कदम भले ही जरूरी हो, लेकिन इसका सीधा असर आम आदमी की जेब और सहूलियत पर पड़ने वाला है। पुल पर बड़े वाहनों की ‘नो-एंट्री’ के बाद हंसडीहा से भागलपुर और बांका की ओर जाने वाले ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा। रूट बदलने से न सिर्फ यात्रियों के सफर का समय बढ़ेगा, बल्कि माल ढुलाई की लागत में भी भारी इजाफा होगा।
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*बाजार में आवश्यक वस्तुओं की किल्लत और महंगाई की आशंका*
गौरतलब है कि यह मार्ग दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक दृष्टिकोण से एक ‘लाइफलाइन’ माना जाता है। रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चीजें, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बड़े पैमाने पर इसी रास्ते से आपूर्ति होती है। ऐसे में परिवहन खर्च बढ़ने से बाजार में सामानों की सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है, जिससे आने वाले दिनों में वस्तुओं की कीमतों में उछाल आने की प्रबल आशंका है। दरार की खबर के बाद से ही स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के बीच चिंता का माहौल है।
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*क्या कह रहा है विभाग?*
इस पूरे मामले पर एनएचएआई के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि पुल की जर्जर स्थिति और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। वर्तमान में पुल पर गार्डर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही मालवाहक वाहनों और यात्री बसों का परिचालन इस पुल से रोक दिया जाएगा, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके।
प्रशासन अब वैकल्पिक मार्गों को दुरुस्त करने और यातायात को सुचारू बनाए रखने की रणनीति पर भी विचार कर रहा है, ताकि लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।


