अहमदाबाद । गुजरात हाईकोर्ट ने पॉक्सो और दुष्कर्म मामले में आरोपी को बरी करने के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी है । अदालत ने कहा, स्कूल के ट्रांसफर सर्टिफिकेट या रजिस्टर में दर्ज जन्मतिथि मात्र से पीड़िता की उम्र प्रमाणित नहीं होती है ।
हाईकोर्ट के अनुसार, यह साबित करना भी जरूरी है, जन्मतिथि किस मूल दस्तावेज के आधार पर दर्ज की गई थी। मामले में स्कूल के प्रिंसिपल ने स्वीकार किया कि उन्हें जन्मतिथि के स्रोत की जानकारी नहीं थी। अदालत ने कहा, पीड़िता की उम्र नाबालिग साबित करने और अपहरण व जबरन यौन संबंध के आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त विश्वसनीय साक्ष्य आवश्यक हैं। प्रमाणों के अभाव में निचली अदालत के फैसले में हस्तक्षेप का आधार नहीं बनता। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी है।
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