पवन कुमार तुरी की निशानदेही पर डिजायर कार जब्त, पुलिस जांच में सामाजिक संगठनों से जुड़ी पहचान भी सामने आई
महागामा । थाना क्षेत्र के ग्राम घाट बलिया में बीते 16 सितंबर को उजागर हुई अवैध मिनी गन फैक्ट्री के मामले में महागामा पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले के शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो प्राथमिकी अभियुक्त और एक अप्राथमिकी अभियुक्त शामिल हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी पवन कुमार तुरी की निशानदेही पर अवैध अर्द्धनिर्मित हथियारों के परिवहन में इस्तेमाल किए जाने वाले एक स्विफ्ट डिजायर वाहन संख्या JH17AC3032 को भी जब्त किया है।यह कार्रवाई महागामा थाना कांड संख्या 166/2026, दिनांक 16 सितंबर 2026 के तहत दर्ज मामले में की गई है। मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-एए), 25(1-बी)(ए), 26 एवं 35 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
16 सितंबर को हुआ था अवैध मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को ग्राम घाट बलिया में छापेमारी के दौरान एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया गया था। पुलिस टीम ने मौके से हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली भारी मात्रा में मशीनरी और उपकरण बरामद किए थे। इसके अलावा हथियार निर्माण में प्रयुक्त कच्चा माल, अर्द्धनिर्मित हथियार, देशी रायफल और जिंदा कारतूस समेत कई महत्वपूर्ण सामान भी पुलिस के हाथ लगे थे।इस कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया था। दोनों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले में जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी।एसपी के निर्देश पर गठित हुई विशेष टीम मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, गोड्डा के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी महागामा वरुण रजक के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। गठित टीम ने तकनीकी सूचना और मानवीय सूचना के आधार पर लगातार संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। पुलिस टीम द्वारा मामले के प्रत्येक पहलू की जांच करते हुए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा था।
इसी अनुसंधान के क्रम में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे और 19 सितंबर 2026 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।दो प्राथमिकी और एक अप्राथमिकी अभियुक्त गिरफ्तार पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पवन कुमार तुरी, प्रीतम कुमार और इन्द्रदेव रविदास शामिल हैं। पुलिस के अनुसार पवन कुमार तुरी और प्रीतम कुमार इस मामले में प्राथमिकी अभियुक्त हैं, जबकि इन्द्रदेव रविदास को अप्राथमिकी अभियुक्त के रूप में गिरफ्तार किया गया है।गिरफ्तार पवन कुमार तुरी की निशानदेही पर पुलिस ने अवैध अर्द्धनिर्मित हथियारों के परिवहन में इस्तेमाल किए गए जे एच 17 एसी 3032 नंबर की स्विफ्ट डिजायर कार को विधिवत जब्त किया है। वाहन की जब्ती के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों और अर्द्धनिर्मित हथियारों के परिवहन में इसका इस्तेमाल किस प्रकार किया जाता था।पुलिस जांच में सामने आई सामाजिक संगठनों से जुड़ी पहचान
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, छापेमारी के दौरान पवन कुमार तुरी के परिसर/वाहन से “PRESS” अंकित बोर्ड तथा विभिन्न सामाजिक और संगठनात्मक पदों को प्रदर्शित करने वाला पहचान-पत्र/प्लेट भी बरामद हुआ है।पुलिस के अनुसार, बरामद पहचान-पत्र में पवन कुमार तुरी को RTI Activist & Social Worker, महागामा ब्लॉक एंटी करप्शन से संबंधित सदस्य, District President Youth Cell, Godda, Jharkhand, जिला अध्यक्ष गोड्डा भारतीय सूचना अधिकार रक्ष मंच तथा जिला अध्यक्ष, गोड्डा मानव अधिकार मिशन सहित विभिन्न पदों से संबंधित बताया गया है।पुलिस की ओर से उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पवन कुमार तुरी स्वयं को विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी तथा पत्रकार के रूप में भी परिचित कराता रहा है। वह ईसीएल से संबंधित विभिन्न विषयों पर सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन देकर सूचनाएं प्राप्त करने तथा सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने वाला व्यक्ति रहा है।तीनों गिरफ्तार आरोपियों का विवरण ofपवन कुमार तुरी, उम्र करीब 29 वर्ष, पिता-हराधन मिर्धा, ग्राम घाट बलिया, थाना महागामा, जिला गोड्डा।
प्रीतम कुमार, उम्र करीब 28 वर्ष, पिता-स्व. किशोरी राउत, ग्राम घाट-निस्तारा, थाना पथरगामा, जिला गोड्डा।इन्द्रदेव रविदास, उम्र करीब 46 वर्ष, पिता-विजय रविदास, ग्राम माल रामपुर, थाना पथरगामा, जिला गोड्डा जांच का दायरा बढ़ा, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस अवैध मिनी गन फैक्ट्री के उद्भेदन के बाद अब पुलिस की जांच केवल हथियार निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, मशीनरी, अर्द्धनिर्मित हथियारों के परिवहन तथा इससे जुड़े संभावित अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।इन पदाधिकारियों की रही अहम भूमिका पूरी कार्रवाई एसडीपीओ महागामा वरुण रजक के नेतृत्व में की गई। टीम में पुलिस निरीक्षक महागामा प्रभाग उपेन्द्र कुमार महतो, महागामा थाना प्रभारी पु०अ०नि० अभिनव आनंद, हनवारा थाना प्रभारी पु०अ०नि० विकास कुमार, महागामा थाना के स०अ०नि० खालिद अहमद खान सहित महागामा थाना के सशस्त्र बल शामिल रहे।पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। मामले में आगे भी पुलिस की जांच जारी है और अनुसंधान के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य संभावित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।


