◆वर्ष 2022-23 और 2023-24 की योजनाएं अब तक अधूरी
◆56 योजनाओं में 37 योजनाएं पूरी,19 योजनाओं का काम अधूरा
◆16 समूह की एसवीएस योजनाओं के लिए 8.98 करोड़ रुपये में हुआ था करार
◆ करीब 5.93 करोड़ रुपये का आवंटन,आवंटित राशि खर्च पर योजनाएं रह गईं अधूरी
डॉ. सुमन सिंह
दुमका। पेयजल एवं स्वच्छता के दुमका प्रमंडल संख्या-2 में संचालित एसवीएस योजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर विभाग ने संबंधित संवेदकों को एक सप्ताह के भीतर अधूरे कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है। कार्यपालक अभियंता ई. रामेश्वर गुप्ता ने 16
सिंगल विलेज स्कीम(एसवीएस) समूह योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के बाद संबंधित संवेदकों को पत्र जारी कर शेष योजनाओं का काम पूरा कर इसकी जानकारी देने को कहा है।विभागीय पत्र के अनुसार दुमका, रामगढ़, मसालिया और जरमुंडी प्रखंडों में कुल 16 एसबीएस समूह योजनाओं के तहत 56 योजनाएं शामिल हैं। इनमें से 37 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 19 योजनाओं का काम अब भी अधूरा है।अधूरी योजनाएं वर्ष 2022-23 और 2023-24 की हैं।
सबसे अधिक अधूरी योजनाएं रामगढ़ प्रखंड की हैं। यहां गंगवारा, सूरी गम्हरिया, कपाटी, सिलथा, ओरतारा, हेठघागरा, बोरिया, अम्बासोल काकनी, काकनी पाथरिया और जोगिया कोल टोला एसवीएस समूह योजनाओं में कई योजनाएं अधूरी हैं। इनमें कुछ समूहों में एक-एक, जबकि कुछ में दो-तीन योजनाओं का काम पूरा नहीं हुआ है।
विभागीय आंकड़ों में नौ योजनाओं के लिए आवंटन और व्यय दोनों शून्य दर्ज हैं। इनमें मसालिया प्रखंड की मकरमपुर और कोलबागान एसवीएस,जरमुंडी की हेथवारा, नोनीहाट बंगाली टोला और नोनीहाट मोक्काना टोला और रामगढ़ की जोगिया कोल टोला एसवीएस शामिल हैं। इन समूहों में संबंधित योजनाओं की संख्या भी पूरी तरह लंबित है।
पत्र में दर्ज आंकड़ों के अनुसार 16 एसवीएस समूह योजनाओं के लिए कुल करीब 8.98 करोड़ रुपये की करार राशि दर्ज है। वहीं योजनाओं के लिए करीब 5.93 करोड़ रुपये का आवंटन दिखाया गया है। आवंटित राशि के मुकाबले व्यय भी करीब 5.93 करोड़ रुपये दर्ज है।
कार्यपालक अभियंता ने सभी संबंधित संवेदकों को निर्देश दिया है कि पत्र प्राप्ति के एक सप्ताह के अंदर शेष एसवीएस योजनाओं का कार्य पूर्ण कराकर विभाग को अवगत कराएं।


