राज्य सरकार पर लगाया प्रक्रिया प्रभावित करने का आरोप
रांची । झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। मरांडी ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के बीच सरकार की ओर से ऑफलाइन आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश दिया गया है। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि एसआईआर को प्रभावित करने के लिए सरकार हर तरह के हथकंडे अपना रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि गोड्डा में बूथ लेवल एजेंट (बीएलए)-2 के रूप में अधिकृत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता को हिरासत में लिया गया।
मरांडी ने साहिबगंज में सरकारी अधिकारियों के झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संताल परगना के पाकुड़, राजमहल, लिट्टीपाड़ा और महेशपुर जैसे विधानसभा क्षेत्रों में 2019 से 2024 के बीच मतदाताओं की संख्या में एक विशेष समुदाय की असामान्य वृद्धि की बात सामने आती रही है। उन्होंने आशंका जताई कि ऑफलाइन प्रमाण पत्रों का दुरुपयोग कर अपात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जा सकते हैं या गलत तरीके से दर्ज नामों को बचाया जा सकता है।
भाजपा नेता ने चुनाव आयोग से एसआईआर प्रक्रिया को बिना राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा कराने की मांग की। उन्होंने मतदाता सूची में हुई असामान्य वृद्धि की जांच और संदिग्ध नामों के सत्यापन की भी मांग की। मरांडी ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी योग्य मतदाता का नाम सूची से न हटे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न रहे।


