देहरादून । उत्तराखंड के चारधाम यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव केदारनाथ धाम जाने वाला पैदल मार्ग शनिवार सुबह चीरबासा के पास भूस्खलन और भारी बोल्डर आने के कारण अवरुद्ध हो गया है। इस घटना के बाद, प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गौरीकुंड में ही हजारों श्रद्धालुओं को रोक दिया है। मार्ग खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग की टीम तुरंत हरकत में आ गई है और मजदूरों की मदद से मलबा व पत्थरों को हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
चीरबासा गौरीकुंड से लगभग 5 किलोमीटर आगे स्थित है और यह मार्ग का एक संवेदनशील हिस्सा माना जाता है जहां बारिश के मौसम में अक्सर भूस्खलन का खतरा बना रहता है। मौके पर पुलिस बल और राज्य आपदा प्रतिवादन बल की रेस्क्यू टीम भी तैनात है, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें शनिवार सुबह 7:22 बजे गौरीकुंड सेक्टर अधिकारी से चीरबासा में मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही संबंधित विभागों को तत्काल सूचित किया गया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, यही वजह है कि रास्ता पूरी तरह सुचारु होने तक किसी को भी आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
गौरीकुंड में रोके गए श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और आवश्यक सुविधाओं का प्रबंधन किया जा रहा है। प्रशासन यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है। रजवार ने यह भी बताया कि यात्रा मार्ग पर स्थापित आपदा कंट्रोल रूम से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है और मौसम विभाग के पूर्वानुमानों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के बाद भूस्खलन की घटनाएं आम हैं, ऐसे में सभी यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी लेने का आग्रह किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या जोखिम से बचा जा सके।
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉
Join Now


