● शहीद वेदी पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य शुभारंभ
● शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का विकास और समाज के प्रति जिम्मेदारी समझना जरूरी: कुलपति
● उत्कृष्ट कार्य करने वाले सभी जिलों के नोडल पदाधिकारी और स्वयंसेवक हुए सम्मानित
दुमका। सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना का स्थापना दिवस बेहद हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस भव्य आयोजन में विभिन्न महाविद्यालयों के 16 कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी जिलों के नोडल पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहे।
शहीद वेदी पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) कुनुल कंदीर द्वारा शहीद टीला पर सिदो-कान्हू मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके पश्चात एनएसएस का झंडोत्तोलन किया गया और स्वयंसेवकों ने एनएसएस का लक्ष्य गीत गाया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर और युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। वंदे मातरम और विश्वविद्यालय के कुलगीत के बाद स्वयंसेवकों ने मनमोहक स्वागत नृत्य एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया।
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शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का विकास और समाज के प्रति जिम्मेदारी समझना जरूरी: कुलपति
इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) कुनुल कंदीर ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शैक्षणिक विकास के साथ-साथ विद्यार्थियों की सांस्कृतिक एवं सामाजिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना बेहद जरूरी है। एनएसएस विद्यार्थियों में नैतिकता और समाज सेवा की भावना पैदा करता है। छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. पूनम हेम्ब्रम ने युवाओं में बढ़ती नशाखोरी और धूम्रपान की लत पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के समय में युवाओं को सही रास्ते पर रखना एक चुनौती है और एनएसएस इसमें उन्हें सही मार्ग दिखाता है। कुलसचिव डॉ. अब्दुश सत्तार ने बताया कि यह योजना युवाओं में सेवा, अनुशासन और नेतृत्व की भावना विकसित करती है। वहीं, परीक्षा नियंत्रक डॉ. रीना नीलिमा लकड़ा ने कहा कि समाज की समस्याओं के समाधान के लिए छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ ऐसी गतिविधियों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले सभी जिलों के नोडल पदाधिकारी और स्वयंसेवक हुए सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान एनएसएस निदेशक डॉ. पूनम बिंझा ने अपने संबोधन में कहा कि युवा समाज और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने में अपनी अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने सभी युवाओं से ‘माई भारत पोर्टल’ पर अपना रजिस्ट्रेशन करने पर जोर दिया और नशे से दूर रहने की अपील की। पूर्व कार्यक्रम समन्वयक डॉ. धनंजय कुमार मिश्रा ने एनएसएस के उद्देश्यों और कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस विशेष मौके पर अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सभी जिलों के नोडल पदाधिकारियों को सर्टिफिकेट और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में दुमका की डॉ. रूपम कुमारी, देवघर की डॉ. भारती प्रसाद, साहिबगंज के कुमार प्रशांत भारती, गोड्डा के डॉ. बासुकीनाथ झा, पाकुड़ के प्रो. महबूब आलम और जामताड़ा की काकोली गोराई शामिल रहीं। इसके अलावा महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय स्तर से चयनित कार्यक्रम पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों को भी उनके शानदार योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया।
मंच का सफल एवं आकर्षक संचालन डॉ. बासुकीनाथ झा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अनुराधा जायसवाल ने किया। इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायक गौतम कुमार झा और लाल बिहारी साह की भी अहम भूमिका रही। अंत में सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाकर इस गौरवशाली कार्यक्रम का समापन किया गया।


