बेंगलुरु । कर्ज और ब्याज न चुकाने के विवाद को लेकर बेंगलुरु में एक महिला के साथ हैवानियत का बेहद चौंकाने वाला और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। घटना के विवरण सुनकर किसी की भी रूह कांप सकती है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिला ने लगभग दो साल पहले रेशमा बानू से एक लाख रुपये उधार लिए थे, और बाद में रेशमा के जरिए नाजत नामक व्यक्ति से पचास हजार रुपये और लिए। शुरुआत में महिला नियमित रूप से किस्त और ब्याज का भुगतान करती रही, लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति खराब होने के बाद यह भुगतान रुक गया। बताया गया है कि करीब छह महीने से ब्याज नहीं दिया गया था, और पिछले दो महीने से किस्त भी नहीं चुकाई गई थी। जब महिला ने रेशमा का नंबर ब्लॉक कर दिया और अपनी मां के घर चली गई, तो मामले ने एक खतरनाक और आपराधिक मोड़ ले लिया।
आरोप है कि महिला को काम दिलाने के बहाने एक विशेष स्थान पर बुलाया गया, जहाँ पहले से ही रेशमा बानू, उसका पति सुहैल और नाजत मौजूद थे। पुलिस के दावे के अनुसार, वहाँ महिला के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उस पर कथित तौर पर चाकू से भी हमला किया गया। इसके बाद, उसे जबरन एक ऑटो रिक्शा में बैठाया गया और कुंबलगोडु के पास एक घर में ले जाया गया। वहाँ उसे कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ फिर से मारपीट की गई। मामले का सबसे वीभत्स और जघन्य पहलू यह है कि महिला को निर्वस्त्र कर उसका वीडियो बनाया गया और उसे धमकाया गया कि यदि उसने कर्ज की रकम और ब्याज नहीं चुकाया तो उस वीडियो को वायरल कर दिया जाएगा। इस जघन्य घटना का खुलासा तब हुआ जब महिला अचानक लापता हो गई। उसकी मां ने चंद्रालेआउट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान, पुलिस के सामने कर्ज और उसकी वसूली के नाम पर की गई पूरी हैवानियत का मामला आया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला को सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद रेशमा बानू, नाजत और सुहैल को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इस घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही, महिला के साथ किए गए कथित अत्याचार और बनाए गए वीडियो से जुड़े आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस कथित घटना के पीछे सिर्फ कर्ज वसूली का मकसद था या इसके पीछे कोई और बड़ी आपराधिक वजह भी थी।


