पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को किया था गिरफ्तार
कोलकाता । पश्चिम बंगाल पुलिस ने दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में एक नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में जांच पूरी करने के बाद विशेष पॉक्सो कोर्ट में 702 पन्नों का आरोप-पत्र दाखिल किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। बारुईपुर पुलिस जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (जोनल) ने बताया कि आरोप-पत्र 31 अगस्त को बारुईपुर विशेष पॉक्सो अदालत में दाखिल किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना के ठीक 60 दिन बाद और प्राथमिकी दर्ज होने के करीब आठ सप्ताह बाद दाखिल किया गया। इस मामले में शुरुआत में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जांच में मुख्य आरोपी प्रभास मंडल की पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत के बाद अब यह मामला तीन संदिग्धों से संबंधित है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
इनमें अपहरण नाबालिग से दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, साक्ष्य मिटाना और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। इसके अलावा आरोपियों पर पॉक्सो की धारा छह के तहत भी मामला दर्ज किया गया है, जो गंभीर यौन हमले से संबंधित है। यह घटना चार जुलाई को हुई थी, जब बारुईपुर के सूरजपुर इलाके से 12 साल की लड़की लापता हो गई थी। परिवार के सदस्यों ने उसे आखिरी बार तब देखा था, जब वह एक दोस्त के लिए जन्मदिन का उपहार खरीदने घर से बाहर गई थी। अगले दिन दोपहर बाद उसका शव एक तालाब से बोरी में बंद अवस्था में बरामद किया गया था। इस घटना के बाद कई दिनों तक व्यापक आक्रोश देखने को मिला, जिसमें एक निर्दोष व्यक्ति की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या की घटना भी शामिल थी। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। पुलिस ने बाद में इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें प्रभास मंडल, आनंद सरदार, दिबाकर सरदार और कबीर मोल्लाह शामिल थे।


