वॉशिंगटन । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अब तक की सबसे कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि तय समयसीमा तक समझौता नहीं हुआ, तो “आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है।” यह बयान ऐसे समय आया है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है।
ट्रंप ने ईरान को रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक का अल्टीमेटम दिया है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट खोलने और युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता करने की बात कही गई है। उन्होंने साफ संकेत दिए कि समयसीमा पूरी होते ही अमेरिका बड़े सैन्य कदम उठा सकता है।
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ईरान को डेडलाइन दी है। बीते कुछ हफ्तों में वे कई बार अलग-अलग समयसीमाएं तय कर चुके हैं। 21 मार्च को उन्होंने 48 घंटे में रास्ता खोलने की चेतावनी दी थी, जबकि 23 मार्च को बातचीत के चलते हमलों को अस्थायी रूप से टाल दिया गया।
इसके बाद 27 मार्च को डेडलाइन बढ़ाकर 06 अप्रैल कर दी गई, लेकिन हालात में सुधार नहीं हुआ। फिर 03 अप्रैल को फिर 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया और 05 अप्रैल को “पावर प्लांट डे” और “ब्रिज डे” जैसे संकेतों के साथ ईरान के अहम ढांचों पर हमले की चेतावनी दी गई। अब 07 अप्रैल को ट्रंप का यह ताजा बयान अब तक का सबसे सख्त माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर बड़े पैमाने पर तबाही की आशंका जताई है।
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इजराइल ने ईरान के रेलवे लाइन और ब्रिजों पर किया हमला, इन्फ्रास्ट्रक्चर बचाने सड़कों पर उतरे लोग
तेहरान । पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइली एयर फोर्स ने मंगलवार को ईरान की करीब 10 अहम रेल लाइनों और पुलों पर हवाई हमले किए। इन हमलों का उद्देश्य कथित तौर पर इस्लामिक रिवोल्यूशनी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की सैन्य गतिविधियों को बाधित करना बताया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन रेलवे लाइनों और पुलों का इस्तेमाल सैन्य उपकरण और हथियारों की आवाजाही के लिए किया जा रहा था। हमलों से पहले नागरिकों को ट्रेनों और इन इलाकों से दूर रहने की चेतावनी भी जारी की गई थी, जिससे संभावित जनहानि को कम किया जा सके।
इन घटनाओं के बीच ईरान के कई हिस्सों में आम लोग सड़कों पर उतर आए हैं। देश के विभिन्न शहरों में लोगों ने अहम इन्फ्रास्ट्रक्चर—खासतौर पर पुलों और पावर प्लांट्स—के बाहर मानव श्रृंखला बनाकर उन्हें बचाने की कोशिश की। यह कदम संभावित हमलों के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध और सुरक्षा प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की चेतावनी के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। उन्होंने विशेष रूप से ऊर्जा ठिकानों और पुलों पर हमले की बात कही थी, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है।


