राज्य और राजनीति
चंदन मिश्र
झारखंड में कानून व्यवस्था पर लगाम कसना सरकार के लिए आज बड़ी चुनौती बनती जा रही है। आए दिन होनेवाली आपराधिक घटनाएं नित नई समस्याओं को जन्म दे रही हैं। आज गोड्डा में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक न्यायिक अधिकारी की पत्नी पर अपराधियों ने जानलेवा हमला कर पुलिस प्रशासन को खुलेआम चुनौती दी है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है, लेकिन घटना को देखें तो अपराधियों का हौसला बुलंद है। पुलिस अपराधियों के सामने बौनी होती जा रही है। यह घटना सबकी आंखें खोलने के लिए काफी हैं। यह सिर्फ एक जगह की घटना नहीं है। सबसे दिलचस्प घटना तो राजधानी रांची में हुई, जब पुलिस केंद्रीय एजेंसी ईडी के अफसरों पर ही दबिश बनाने के लिए पहुंच गई। ईडी के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा तक दर्ज कर लिया। वह तो न्यायालय की सक्रियता की दुहाई दीजिए कि पुलिस की पूरी कार्रवाई पर रोक लगाते हुए ईडी कार्यालय की सुरक्षा केंद्रीय बलों के हवाले कर दिया। पुलिस यहां तो अचानक सक्रिय हो गई, लेकिन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में इनकी घिग्घी बंध जाती है। ऐसी निकम्मी पुलिस से राज्य में कैसे अपराध पर लगाम लगेगा ?
पूरे राज्य में कहीं हत्या, कहीं अपहरण, कहीं डकैती, कहीं छिनतई तो कहीं महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं खबरों की सुर्खियां बन रही है। लेकिन पुलिस प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती है। अपराधी मस्त, पुलिस पस्त, पुलिस की पूरी कार्य प्रणाली को परिलक्षित कर रही है। सरकार का पुलिस प्रशासन पर कोई नियंत्रण नहीं दिखाई देता है। राजधानी में पुलिस की नाक के नीचे से दो बच्चों का अपहरण हो जाता है, पुलिस हाथ मलती रहती है। समाज के लोगों ने जब इन बच्चों को ढूंढने में आगे बढ़कर काम किया और उन्हें लेकर पुलिस प्रशासन के सामने आए तो पुलिस रामगढ़ से लेकर राजधानी तक अपनी झूठी पीठ थपथपाते नजर आई। यह कितना बड़ा मजाक बन गया, शायद उन्हें नहीं पता है।
राज्य की पुलिस स्थानीय स्तर पर जमीन की दलाली करने, जमीन दलालों को बचाने , कोयला और लोहा समेत अन्य अयस्कों की कालाबाजारी में मगन है। नीचे से ऊपर तक इसके लिए रेट तय हैं। जब पुलिस अलग अलग धंधों में व्यस्त रहेंगे तब कानून व्यवस्था पर उनका ध्यान कहां रहेगा।
राज्य में पुलिस प्रशासन में नियुक्ति, प्रोन्नति और पोस्टिंग में पारदर्शी तरीके से नियमानुकूल कार्रवाई नहीं होगी तब तक पुलिस ऐसी ही लाचार और कमजोर साबित होती रहेगी। झारखंड में रिटायर्ड ऑफिसरों को बार बार ऊंच पदों पर बिठाया जाता रहेगा तो नीचे के पुलिस वाले कितनी ईमानदारी और तत्परता से अपनी ड्यूटी निभाएंगे। राज्य में कानून व्यवस्था का राज कायम करना है तो पुलिस प्रशासन को भयहीन और पक्षपात रहित बनाना होगा, वरना जनता की रक्षा भगवान भरोसे ही होगा।
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