लाइसेंस शुल्क, संचालन समय और सुरक्षा मानकों में बड़े बदलाव
रांची : झारखंड सरकार के उत्पाद विभाग ने राज्य में शराब के लाइसेंस, संचालन और परोसने से जुड़े नियमों में व्यापक बदलाव करते हुए झारखंड उत्पाद होटल, रेस्तरां, बार एवं क्लब (अनुज्ञापन एवं संचालन) नियमावली 2026 लागू कर दी है। नई नियमावली के तहत शहरों की श्रेणी के आधार पर लाइसेंस शुल्क, संचालन समय और सुरक्षा मानकों को सख्त किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे राजस्व बढ़ेगा और बार-होटल संचालन अधिक व्यवस्थित होगा। नई व्यवस्था के अनुसार पांच सितारा होटलों में शराब परोसने का सामान्य समय रात 12 बजे तक रहेगा, जिसे अतिरिक्त शुल्क देकर रात 2 बजे या सुबह 4 बजे तक बढ़ाया जा सकेगा। रांची, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में बार रात 2 बजे तक खुले रह सकेंगे। वहीं देवघर, हजारीबाग और पलामू जैसे जिलों में सामान्य बार का समय रात 12 बजे तक सीमित रहेगा। यदि कोई संचालक इसके बाद संचालन करना चाहता है तो उसे संबंधित जिले के एसपी से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा और अधिकतम समय रात 2 बजे तक ही रहेगा।
शहरों को ए और बी श्रेणी में बांटकर लाइसेंस शुल्क तय किए
सरकार ने शहरों को ए और बी श्रेणी में बांटकर लाइसेंस शुल्क तय किया है। ए श्रेणी (रांची, धनबाद, जमशेदपुर) में क्लब व बार के लिए आवेदन शुल्क 1 लाख रुपये और वार्षिक लाइसेंस शुल्क बंद जगह के लिए 12 लाख तथा खुली जगह के लिए 14 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। बी श्रेणी (देवघर, गिरिडीह, पलामू, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग) में बंद जगह के लिए 9 लाख और खुली जगह के लिए 11 लाख रुपये वार्षिक शुल्क तय है।
नई नियमावली में होटल और बार के लिए कड़े मानदंड भी लागू किए गए हैं। शराब परोसने वाले होटल में कम से कम 10 कमरे होना अनिवार्य है और प्रत्येक कमरे का क्षेत्रफल 100 वर्गफीट से कम नहीं होगा। सभी बार, रेस्तरां और क्लबों में सीसीटीवी, पर्याप्त पार्किंग, अग्निशमन विभाग का एनओसी और पुरुषों व महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय अनिवार्य किए गए हैं।
न्यूनतम गारंटी राजस्व प्रणाली भी लागू
सरकार ने न्यूनतम गारंटी राजस्व (एमजीआर) प्रणाली भी लागू की है, जिसके तहत बार और क्लब संचालकों को तय कोटे के अनुसार मासिक और तिमाही राजस्व देना होगा। लक्ष्य पूरा नहीं होने पर कमी की राशि जुर्माने के साथ जमा करनी होगी। इसके अलावा 21 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को शराब परोसना प्रतिबंधित रहेगा और ड्यूटी पर तैनात वर्दीधारी सरकारी कर्मियों को शराब नहीं दी जाएगी। सामाजिक या सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए अस्थायी लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।


