नई दिल्ली । बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया जोरों पर है। 18 नवंबर 2025 तक दोनों प्रमुख सहयोगी दलों जेडीयू और भाजपा के बीच मंत्रिमंडल के स्वरूप, महत्वपूर्ण विभागों और विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर गहन चर्चा चल रही है। सूत्रों के अनुसार, दोनों दलों ने मंत्री पदों को लगभग बराबर बांटने पर सहमति बना ली है, हालांकि भाजपा स्पीकर का पद हर हाल में अपने पास रखना चाहती है, जबकि जेडीयू भी इस पर दावा ठोक रही है। सियासी हल्कों में चर्चा है कि दोनों दलों में इन पदों को लेकर खींचातानी चल रही है।
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। 19 नवंबर को जेडीयू और भाजपा अलग-अलग अपनी विधायक दल की बैठकें करेंगी, जिसमें अपने-अपने नेता चुने जाएंगे। इसके बाद एनडीए विधानमंडल दल की संयुक्त बैठक होगी और नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से नेता चुन लिया जाएगा। 20 नवंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
स्पीकर पद पर सबसे ज्यादा खींचतान है। वर्तमान में यह पद भाजपा के नंदकिशोर यादव के पास है। भाजपा इसे बनाए रखना चाहती है, जबकि जेडीयू का तर्क है कि 2020 से पहले यह पद हमेशा उसके पास रहा। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर बहुमत वाली सरकार में स्पीकर का पद बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि विधायकों की अदला-बदली या अविश्वास प्रस्ताव की स्थिति में यह निर्णायक भूमिका निभाता है। मजबूत बहुमत होने पर पार्टियां इसे वरिष्ठ नेता को समायोजित करने के माध्यम के रूप में इस्तेमाल करती हैं। छोटे सहयोगियों से बातचीत का जिम्मा केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान संभा ल रहे हैं। चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के साथ सहमति लगभग बन चुकी है। एनडीए को कुल 202 सीटें मिली हैं, जो तीन-चौथाई बहुमत है। इस मजबूत जनादेश के बीच नई सरकार विकास और सुशासन के एजेंडे को आगे बढ़ाने का वादा कर रही है। शपथ ग्रहण से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी, और बिहार एक बार फिर नीतीश युग की नई शुरुआत देखेगा।
इसी तरह मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिल्ली तक बातचीत चल रही है। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व – गृह मंत्री अमित शाह तथा पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर रहे हैं। पिछली सरकार में भाजपा के पास ज्यादा मंत्री थे, लेकिन इस बार सीटों के बराबर होने (भाजपा 89, जेडीयू 85) के कारण जेडीयू बराबरी की हिस्सेदारी चाहती है। संभावना है कि भाजपा को 14-16 और जेडीयू को 13-14 मंत्री पद मिलें, जबकि छोटे सहयोगियों – चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 3, जीतन राम मांझी की हम को 1 और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो को 1 पद मिल सकता है।


