* दिल दहला देने वाली वारदात: दुमका और गोड्डा जिले की सीमा पर ममता हुई शर्मसार, आरोपी मां राखी कुमारी गिरफ्तार।
* पारिवारिक विवाद का खौफनाक अंत: पति से चल रहे तनाव के बाद महिला ने उठाया आत्मघाती कदम, साक्ष्य छुपाने के लिए कुएं में फेंके शव।
* पुलिस की त्वरित कार्रवाई: गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद SIT ने तकनीकी इनपुट से सुलझाई ‘अंधे कत्ल’ की गुत्थी।
ब्यूरो रिपोर्ट
दुमका: झारखंड के दुमका जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। यहाँ एक कलयुगी मां ने अपने ही मासूम बेटे और सगे भतीजे की बेरहमी से हत्या कर दी। साक्ष्य छुपाने के इरादे से दोनों मासूमों के शवों को गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र के एक सुनसान कुएं में फेंक दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
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गुमशुदगी की रिपोर्ट से खुला हत्या का खौफनाक राज
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले की शुरुआत एक गुमशुदगी की रिपोर्ट से हुई। पाकुड़ जिले के महेशपुर थाना अंतर्गत बलियाडंगाल निवासी विक्रांत सिंह (36 वर्ष) ने दुमका (नगर) थाने में अपनी पत्नी राखी कुमारी (28 वर्ष), अपने नाबालिग बेटे और भतीजे के अचानक लापता होने की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने नगर थाने में काण्ड संख्या-194/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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एसपी ने बनाई SIT, तकनीकी इनपुट से महिला बरामद
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए दुमका के पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार ने तुरंत एक विशेष जांच दल का गठन किया। दुमका सदर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में टीम ने मानवीय और तकनीकी इनपुट का सहारा लिया। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने सबसे पहले लापता पत्नी राखी कुमारी को पोड़ैयाहाट के ग्राम सलगाटाँड से सकुशल बरामद किया।
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पूछताछ में कबूला गुनाह, कुएं से तैरते मिले शव
जब पुलिस ने राखी कुमारी से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने जो सच उगला उसे सुनकर पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। महिला ने कबूल किया कि उसी ने दोनों बच्चों की हत्या की है। उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम ने गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना अंतर्गत पेटरपहाड़ी (सिंदरीदोल) के पास स्थित एक कुएं से दोनों लापता बच्चों के शवों को बाहर निकाला।
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अवैध संबंध का शक और उजड़ गई दुनिया
समाहरणालय स्थित एसपी कक्ष में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि आरोपी महिला राखी कुमारी को अपने पति के किसी अन्य महिला के साथ कथित अवैध संबंध होने का गहरा शक था। इसी बात को लेकर वह लंबे समय से मानसिक तनाव में रहती थी और इसी आवेश में आकर उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, परिजन इस मामले को अंधविश्वास से भी जोड़कर देख रहे हैं।
इस घटना ने परिजनों के पुराने जख्मों को भी हरा कर दिया है। मृतकों में शामिल मासूम आयुष ने कोरोना काल में ही अपने पिता को खो दिया था और अब मां की इस हैवानियत से उसका सहारा हमेशा के लिए छिन गया। वहीं दूसरे बच्चे आरव की मौत से उसके पिता की दुनिया पूरी तरह उजड़ गई है।
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तीन महीने की बेटी की मौत भी संदेह के घेरे में
इस खुलासे के बाद परिजनों ने पुलिस से राखी की तीन महीने की बेटी की कुछ वर्ष पहले हुई संदिग्ध मौत की जांच की भी मांग की है। परिजनों का आरोप है कि उस समय भी राखी का व्यवहार संदिग्ध था, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
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सबूत मिटाने और हत्या की धाराओं में जेल, साड़ी-मोबाइल जब्त
दोनों बच्चों के शव बरामद होने के बाद पुलिस ने इस मामले में हत्या और सबूत मिटाने की कड़ी धाराएं जोड़ दी हैं। अब राखी कुमारी के खिलाफ BNS 2023 की धारा 137(2), 103(1) (हत्या) और 238(a) (साक्ष्य छुपाना) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेजा गया है। पुलिस ने आरोपी महिला के पास से घटना के समय पहनी हुई साड़ी और उसका मोबाइल फोन साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है।
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कत्ल की गुत्थी सुलझाने वाली टीम
इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने वाले छापामारी दल में दुमका सदर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर थाना के पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी, हंसडीहा थाना प्रभारी, सब-इंस्पेक्टर रंजीत मंडल, मेंजारी बिरूआ, राजीव रंजन-2, रेणुका किस्कु, आरक्षी अमित कुमार और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।


