भगवान कृष्ण की लीलाएं, आधुनिक तकनीक से कृष्ण दर्शन
नई दिल्ली । गुजरात की पवित्र नगरी द्वारका को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, जीवन दर्शन और भारतीय संस्कृति के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में 92.70 करोड़ रुपये की लागत से भव्य श्रीकृष्ण संग्रहालय का निर्माण किया जा रहा है। द्वारकाधीश मंदिर से लगभग 1.6 किलोमीटर दूर बनने वाला यह संग्रहालय धार्मिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों को भी नई पहचान मिलेगी।
संग्रहालय में नौ विषयों पर आधारित दीर्घाएं बनाई जाएंगी। इनमें भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, गोकुल-वृंदावन की बाल लीलाओं, गोवर्धन पर्वत धारण करने, कालिया नाग मर्दन, रासलीला, कंस वध और द्वारका नगरी की स्थापना जैसे प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा। महाभारत में श्रीकृष्ण की भूमिका और अर्जुन को दिए गए श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेशों को भी विशेष स्थान मिलेगा।
इस परियोजना की खासियत आधुनिक तकनीक का उपयोग है। त्रिआयामी (3डी) प्रोजेक्शन, डिजिटल डिस्प्ले, ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियों और लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से श्रद्धालु कृष्ण जीवन के विभिन्न प्रसंगों को आकर्षक रूप में देख सकेंगे।
संग्रहालय परिसर में कमल तालाब, एम्फीथिएटर, सुंदर उद्यान, कैफे, स्मृति चिह्नों की दुकान और पार्किंग जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
इस परियोजना से द्वारका में धार्मिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भगवान कृष्ण के जीवन, भारतीय परंपराओं और गीता के संदेश को समझने का नया अवसर मिलेगा। स्थानीय व्यापार, होटल और परिवहन क्षेत्र को भी इसका लाभ मिल सकता है।


