पटना । बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान के बीच राज्य के कई हिस्सों से सियासी गहमागहमी और झड़पों की खबरें सामने आ रही हैं। पटना स्नातक सीट पर जहां जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने बगावत का बिगुल बजा दिया है, वहीं उनके गढ़ मोकामा में जेडीयू और जन सुराज समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई। इसके अलावा, छपरा में प्रशांत किशोर समर्थित एक प्रत्याशी पर एफआईआर दर्ज होने की भी खबर है, जिसने चुनावी तनाव को और बढ़ा दिया है।
राज्य की कुल 8 विधान परिषद सीटों पर 5,32,847 मतदाता 150 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला कर रहे हैं। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं, और सभी सीटों पर एनडीए तथा महागठबंधन के उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है। सबसे दिलचस्प मुकाबला पटना स्नातक सीट पर माना जा रहा है, जहां जेडीयू ने अपने वरिष्ठ नेता नीरज कुमार को एक बार फिर से मैदान में उतारा है। लेकिन, मोकामा से विधायक और दिग्गज नेता अनंत सिंह, जो खुद जेडीयू से हैं, उन्होंने अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अनंत सिंह प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह का खुलकर समर्थन कर रहे हैं और उनके पक्ष में चुनाव प्रचार भी किया है, जिससे इस सीट का सियासी पारा काफी बढ़ गया है। अनंत सिंह के गढ़ मोकामा में मतदान के दौरान जेडीयू और जन सुराज समर्थकों के बीच झड़प हो गई। इस झड़प को अनंत सिंह के अपनी पार्टी के खिलाफ खड़े होने के बाद उत्पन्न हुए तनाव का परिणाम माना जा रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने और मतदान प्रक्रिया को बाधित होने से रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा। इसी बीच, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एक जन सुराज समर्थित उम्मीदवार पर छपरा में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मिली है। हालांकि, एफआईआर के विस्तृत कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन इसे चुनावी प्रक्रिया के दौरान नियमों के उल्लंघन से जोड़कर देखा जा रहा है। इन घटनाओं ने विधान परिषद चुनाव में राजनीतिक गर्माहट और तनाव को और बढ़ा दिया है। यह चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराया जा रहा है, जिसके लिए चुनाव आयोग ने व्यापक तैयारियां की हैं। इन आठ सीटों पर निवर्तमान प्रतिनिधि भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, और चुनाव के नतीजे भविष्य की राज्य राजनीति के लिए महत्वपूर्ण संदेश देंगे।


