अगले दो महीनों में आकाश यूपी, उत्तराखंड और पंजाब राज्यों में करेंगे बड़ी जनसभाएं
लखनऊ । यूपी विधानसभा चुनाव जैसे जैसे करीब आ रहे हैं राजनीतिक पार्टियां अपनी तैयारी में जुटी गई हैं। बीजेपी-कांग्रेस से साथ अब बहुजन समाज पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर अपने भतीजे आकाश आनंद को चुनाव प्रचार की कमान सौंप दी है। बसपा में नेशनल कोऑर्डिनेटर का पद और मायावती का आशीर्वाद मिलने के बाद, आकाश आनंद आगामी चुनावों में पार्टी के सियासी जनाधार को फिर से जोड़ने और मजबूत करने का प्रयास करेंगे।
बसपा में वापसी के बाद मायावती ने आकाश आनंद पर भरोसा जताते हुए उन्हें यूपी, उत्तराखंड और पंजाब जैसे अहम राज्यों में पार्टी के प्रचार की जिम्मेदारी दी है। अगले दो महीनों के अंदर इन राज्यों में आकाश आनंद की कुल सात बड़ी जनसभाएं होंगी, जिसका कार्यक्रम पार्टी के केंद्रीय कार्यालय की ओर से जारी किया है। इन रैलियों के जरिए बसपा, विशेषकर युवा वर्ग के बीच, अपना चुनावी माहौल बनाने की कोशिश करेगी, जहां आकाश आनंद का आक्रामक अंदाज और युवाओं से जुड़ने की उनकी क्षमता काफी पसंद की जाती है।
आकाश अपनी चुनावी शुरुआत 28 अक्टूबर को बुलंदशहर के अनूपशहर से करेंगे, जहां बसपा एक विशाल जनसभा आयोजित करने जा रही है। इसके बाद, उनका कार्यक्रम 2 नवंबर को सहारनपुर के नकुड़, 20 नवंबर को अयोध्या के बीकापुर, 22 नवंबर को आगरा, और 29 नवंबर को कानपुर के बिल्हौर में जनसभाएं करने का तय है। यूपी के अलावा आकाश 26 नवंबर को पंजाब और 6 दिसंबर को हरिद्वार, उत्तराखंड में भी अहम सभाएं करेंगे, जिससे इन राज्यों में भी पार्टी की स्थिति मजबूत हो सके।
बता दें आकाश आनंद का बसपा में सफर कभी अंदर तो कभी बाहर होता रहा है। दिसंबर 2023 में मायावती ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी और पार्टी का नेशनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया था। मई 2024 में एक रैली में बीजेपी के खिलाफ उनके आक्रामक बयानों के बाद उनसे यह पद वापस ले लिया गया था। जून 2023 में उनकी फिर वापसी हुई, लेकिन 4 मार्च 2025 को उन्हें एक बार फिर सभी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया। 13 अप्रैल 2025 को उनकी फिर वापसी हुई, और 9 सितंबर 2026 को उन्हें फिर पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इन उतार-चढ़ावों के बावजूद, 5 अक्टूबर 2026 को आकाश आनंद की तीसरी बार पार्टी में वापसी हुई और उन्हें फिर से राष्ट्रीय संयोजक का पद दिया गया है।
मायावती का यह लगातार भरोसा इस बात का संकेत है कि वह आकाश आनंद को बसपा के भविष्य के लिए एक अहम चेहरा मानती हैं। इस नवीनतम जिम्मेदारी के साथ, आकाश आनंद अब आगामी चुनावों में बसपा के लिए एक मजबूत प्रचारक की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं, जिससे पार्टी को उम्मीद है कि वह अपने कोर वोट बैंक को एकजुट कर पाएगी।


