डांडिया की जगह स्थानीय परंपराओं पर जोर, दीप प्रज्वलन, महाआरती और क्षेत्रीय भजनों से सजेगा नवरात्र*
देवघर संताल एक्सप्रेस : यूथ वॉयस देवघर के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नवरात्रि एवं दुर्गा पूजा को झारखंड की समृद्ध सभ्यता, संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों के अनुरूप मनाने पर चर्चा की गई। सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस वर्ष पूजा के दौरान राज्य की लोक संस्कृति और स्थानीय परंपराओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में कहा गया कि अन्य राज्यों की सांस्कृतिक विधाओं, जैसे डांडिया, के बजाय झारखंड और सीमावर्ती क्षेत्रों की समृद्ध लोक परंपराओं को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा। देवघर के विभिन्न मंदिरों और पूजा पंडालों में पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलन, महाआरती और प्राचीन पूजा-पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही माता के भजनों और भक्ति गीतों में स्थानीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के प्रयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही गई, ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहे। यूथ वॉयस के सदस्यों ने संयुक्त रूप से कहा कि झारखंड की अपनी संस्कृति, भाषा और त्योहार मनाने की परंपरा बेहद समृद्ध है। संस्था का प्रयास अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और लोगों को अपनी मिट्टी की सुगंध से जोड़ना है। दुर्गा पूजा का वास्तविक आनंद अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने में है। बैठक में शुभम कुमार, विनय कुमार, शुभम सिंह, राजीव रंजन राय, गौरव झा, अभिषेक कुमार, मोहित कुमार, सिंटू कुमार, रौशन कुमार, पियुष शर्मा, आशिष आनंद, समंत गुरु, राजीव कुमार, रुपेश कुमार और विशाल कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।


