कवि कुमार
जमशेदपुर : है कुर्मी सेना के केंद्रीय अध्यक्ष शैलेंद्र महतो को वकील के मार्फत दो करोड़ रुपए की मानहानि करने की नोटिस दी गई है। यह नोटिस ईचागढ़ के नेता और आजसू पार्टी से जुड़े हरेलाल महतो ने सोशल मीडिया (फेसबुक) पर कथित तौर पर भ्रामक और मानहानिकारक टिप्पणियां करने के मामले में दिया है। हरेलाल महतो की ओर से उनके अधिवक्ता बलाई पांडा ने सोनारी जमशेदपुर निवासी शैलेंद्र महतो को 3 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और आपत्तिजनक पोस्ट हटाने की चेतावनी दी गई है, ऐसा न करने पर 2 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की बात कही गई है। इसके जवाब में कुर्मी सेना के केंद्रीय अध्यक्ष शैलेंद्र महतो ने कहा है कि वे किसी भी कीमत में माफी नहीं मांगेंगे, अगर जरूरत पड़ी तो वे अपने गृह जिला ईचागढ़ के लोगों से घर-घर जाकर भीख मांगेंगे और हरे लाल महतो को ₹ बीस लाख भीख मांग कर देंगे। अधिवक्ता द्वारा भेजे गए लीगल नोटिस (दिनांक 21 सितंबर 2026) के अनुसार, आरोपी शैलेंद्र महतो पर आरोप है कि उन्होंने 18 सितंबर 2026 को अपने फेसबुक अकाउंट से हरेलाल महतो के खिलाफ दो अपमानजनक और भ्रामक पोस्ट साझा की थीं। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि फेसबुक पोस्ट में लिखा गया था, “क्या हरेलाल महतो ईचागढ़ के पूर्व विधायक प्रत्याशी ने स्व० सुधीर महतो और सुदेश महतो का पीठ में छुरा मारा?”। दूसरा पोस्ट था “जो इंसान हरेलाल महतो ईचागढ़ के पूर्व विधायक प्रत्याशी स्व० सुधीर महतो और सुदेश महतो का नहीं वो जनता का होगा क्या?” लीगल नोटिस में कहा गया है कि हरेलाल महतो ईचागढ़ व कोल्हान क्षेत्र के साथ-साथ पूरे झारखंड में एक प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक पहचान रखते हैं। वे लंबे समय से सामाजिक कार्यों, गरीबों के इलाज और युवाओं को रोजगार देने जैसी जनहित गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं।
नोटिस के अनुसार, आरोपी द्वारा किए गए इस प्रकार के सोशल मीडिया पोस्ट पूरी तरह से निराधार, बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण हैं। इसका उद्देश्य केवल हरेलाल महतो की आम जनता और राजनीतिक हलकों में बनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना और उनकी छवि को धूमिल करना था। अधिवक्ता बलाई पांडा ने नोटिस के माध्यम से आरोपी शैलेंद्र महतो से निम्नलिखित मांगें की हैं।फेसबुक अकाउंट से उक्त दोनों विवादित पोस्ट को तत्काल हटाया जाए। नोटिस प्राप्त होने के 3 दिनों के भीतर हरेलाल महतो से सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगी जाए। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि तय समयसीमा में इन शर्तों का पालन नहीं किया जाता है, तो हरेलाल महतो की ओर से आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया जाएगा और मानसिक प्रताड़ना व सामाजिक प्रतिष्ठा के नुकसान के एवज में सिविल कानून के तहत 2 करोड़ रुपये के हर्जाने का दावा ठोंका जाएगा।


