बिहार – बंगाल चुनाव में बेहतर जिम्मेवारी निभाने का मिला तोहफा
रांची। भाजपा के केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सदस्य डॉ. प्रदीप वर्मा को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का सह-प्रभारी बनाया गया है। चार सह प्रभारियों में प्रदीप वर्मा के अलावा झारखंड से पूर्व विधायक अनंत ओझा को भी सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। बिहार और बंगाल चुनाव में बेेेहतर काम केा तोहफा मिला।
पार्टी ने दोनों नेताओं को वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े के साथ संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पहले बिहार विधानसभा चुनाव में प्रदीप वर्मा के संगठन कौशल की उल्लेखनीय भूमिका रही थी। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदीप वर्मा को भागलपुर, कोसी और पूर्णिया क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई थी। उनके जिम्मे 10 जिलों की 49 विधानसभा सीटों का संगठनात्मक समन्वय था।पार्टी के स्तर पर उन्हें चुनाव अभियान, कार्यकर्ताओं के समन्वय और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय रखने की जिम्मेदारी निभानी थी।इन 49 विधानसभा सीटों में से 36 सीटों पर भाजपा गठबंधन को जीत मिली थी।
अब उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले सह-प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने से उनकी संगठनात्मक भूमिका और बढ़ गई है।डॉ. प्रदीप वर्मा झारखंड से राज्यसभा सदस्य हैं।
उत्तर प्रदेश में विनोद तावड़े के साथ झारखंड के पूर्व विधायक अनंत ओझा को भी संगठनात्मक जिम्मेदारी दी गई है। अनंत ओझा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से भाजपा में आए। वह राजमहल विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं।उन्हें पश्चिम बंगाल और बिहार विधानसभा चुनावों में भी संगठनात्मक जिम्मेदारी मिल चुकी है। पार्टी के स्तर पर दोनों नेताओं के अनुभव का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश के चुनाव के दौरान संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों के समन्वय में किया जाएगा।


