रांची । झारखंड उच्च न्यायालय में वर्ष 2018 से लापता गुमला की छह वर्षीय बच्ची से जुड़े मामले में शुक्रवार को सुनवाई हुई।इस दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि मामले की मुख्य आरोपित भूखली लकड़ा का रिनपास (कांके) में मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन परीक्षण कराया जा चुका है। हालांकि, इसकी रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। सरकार की ओर से रिपोर्ट अदालत में दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा गया। इस पर अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तारीख निर्धारित की है। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शशांक शेखर ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा।
पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय को बताया था कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से मुख्य आरोपित का गुजरात के गांधीनगर में नार्को टेस्ट नहीं हो सका था। इसके बाद वहां आरोपित का सस्पेक्ट डिटेक्शन टेस्ट समेत दो पूरक परीक्षण कराए गए थे। इन परीक्षणों की रिपोर्ट भी अभी लंबित है। अब रिनपास में हुए मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन परीक्षण की रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। अदालत ने सरकार को रिपोर्ट पेश करने के लिए समय दिया है। गुमला की छह वर्षीय बच्ची सितंबर, 2018 से लापता है। बच्ची की बरामदगी की मांग को लेकर उसकी मां चंद्रमुनि उराइन की ओर से झारखंड उच्च न्यायालय में हेवियस कॉर्पस याचिका दायर की गई है। इसी याचिका पर उच्च न्यायालय लगातार सुनवाई कर रहा है।


