राघव साजिशकर्ता, यूपी के शूटर अंकित ने दागी गोलियां
जमशेदपुर। जमशेदपुर के युवा कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है.
इस मामले का साजिश करता अशोक सिंह राघव है जो एक चैनल का संचालन करता है और जिसका संबंध अखिलेश सिंह गिरोह से है।
उसी ने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के शूटर अंकित सिंह को सुपारी दी जिसने निखार सब लोग को मौत के घाट उतार दिया। चूंकि निखार पूर्व मंत्री एवं विधायक का करीबी है और ऐसे में यह मामला सुर्खियों में आ गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जमशेदपुर एसएसपी डॉ. एहतिशाम वकारीब के नेतृत्व में गठित विशेष अनुसंधान दल (SIT) को बड़ी कामयाबी मिली है. बुधवार को जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां पुलिस ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया. पुलिस के अनुसार 24 अगस्त 2026 को निखार सबलोक को गोली लगने के बाद टीएमएच में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी. इसके बाद बिष्टुपुर थाना में कांड संख्या 115/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया. एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई. पुलिस के अनुसार घटना में प्रयुक्त हुंडई आई 10 कार, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर जेएच 05 एएन 5503 है, बरामद कर लिया गया है. इसके अलावा हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी की भी जानकारी पुलिस ने दी है. पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव सुशील रजक, रितेश सिंह, सुशील केराई, राजा कुमार सिंह उर्फ शूटर सिंह और अंकित सिंह शामिल हैं. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर हत्याकांड की पूरी कड़ी सामने आई है. इस हत्याकांड के खुलासे के लिए गठित एसआईटी में जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां पुलिस के अधिकारियों को शामिल किया गया था. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका के साथ मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है.
छह आरोपी गिरफ्तार
हत्या में शामिल छह अपराधकर्मी गिरफ्तार, हथियार व कार बरामद
हत्या के एक मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव, सुनिल रजक, रितेश सिंह, सुशिल केराई, राज कुमार सिंह उर्फ प्रिंस और अंकित सिंह शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, हत्या में शामिल अन्य अपराधकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम-पते
गिरफ्तार आरोपी
1. अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव
पिता- स्व. राम नरेश सिंह
पता- B/A 532, खुंटाडीह, सोनारी, जमशेदपुर।
2. सुनिल रजक
पिता- सुरेश रजक
पता- संजय पथ, लक्ष्मण नगर, डिमना रोड, मानगो।
3. रितेश सिंह
पिता- राकेश सिंह
पता- संजय पथ, लक्ष्मण नगर, डिमना रोड, मानगो।
4. सुशिल केराई, उम्र 30 वर्ष
पिता- दुबराई केराई
पता- 1072, सिद्धू-कान्हू बस्ती, जोन नंबर-02, सोनारी।
5. राज कुमार सिंह उर्फ प्रिंस
पिता- स्व. सिकंदर सिंह
पता- मांगपुर, थाना लधुवा, जिला सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश।
6. अंकित सिंह
पिता- राम कुमार सिंह
पता- गोलबरा, सरायया अंचल, थाना कोतवाली देहात, जिला सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश।
हथियार समेत अन्य सामान बरामद
दो देशी पिस्टल, सात जिंदा कारतूस और कार बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त सामान भी बरामद किया है।
लाल रंग की हुंडई आई 10 कार, नंबर जेएच 05 एएन 5503
एक देशी पिस्टल, मैगजीन में चार जिंदा कारतूस
एक देशी पिस्टल, मैगजीन में तीन जिंदा कारतूस
छह मोबाइल फोन
अशोक कुमार सिंह का आपराधिक इतिहास
अशोक उर्फ राघव पर बिष्टुपुर थाना में मामला दर्ज
अप्राथमिकी अभियुक्त अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव का आपराधिक इतिहास भी पुलिस ने बताया है। उसके खिलाफ बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 102/2026, दिनांक 25 अगस्त 2026 को बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
सुनिल रजक का आपराधिक इतिहास
सुनिल रजक पर हत्या समेत कई गंभीर मामले
सुनिल रजक के खिलाफ पूर्व में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें—
बागबेड़ा थाना कांड संख्या 35/2024 — हत्या के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र एवं आर्म्स एक्ट की धाराएं।
मानगो थाना (ओलिडीह ओपी) कांड संख्या 94/2024 — हत्या के प्रयास, घर में घुसकर हमला, धमकी एवं आर्म्स एक्ट।
मानगो थाना (ओलिडीह ओपी) कांड संख्या 176/2021 — धारा 302/120बी/34 भादवि एवं आर्म्स एक्ट।
रितेश सिंह का आपराधिक इतिहास
रितेश पर रंगदारी और आर्म्स एक्ट के मामले
रितेश सिंह के खिलाफ मानगो थाना (ओलिडीह ओपी) में पूर्व से मामले दर्ज हैं।
कांड संख्या 164/2025, दिनांक 08.07.2025 — बीएनएस एवं आर्म्स एक्ट।
कांड संख्या 178/2026, दिनांक 20.08.2026 — बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला।
सुशिल केराई का आपराधिक इतिहास
सुशिल केराई पर आधा दर्जन से अधिक मामले
सुशिल केराई के खिलाफ सोनारी थाना में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, डकैती की तैयारी, मारपीट, आर्म्स एक्ट एवं एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं।
प्रमुख मामले—
सोनारी थाना कांड संख्या 99/2014 — हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराएं।
कांड संख्या 226/2015 — 399/402 भादवि एवं आर्म्स एक्ट।
कांड संख्या 03/2019 — हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराएं।
कांड संख्या 78/2022 — मारपीट एवं अन्य धाराएं।
कांड संख्या 149/2024 — बीएनएस की विभिन्न धाराएं।
कांड संख्या 77/2025 — बीएनएस की विभिन्न धाराएं।
कांड संख्या 108/2025 — आर्म्स एक्ट एवं एनडीपीएस एक्ट।
अंकित सिंह का आपराधिक इतिहास
सुलतानपुर के अंकित पर हत्या समेत कई मामले
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर निवासी अंकित सिंह के खिलाफ कोतवाली देहात थाना में कई मामले दर्ज हैं।
कांड संख्या 173/2015 — मारपीट, तोड़फोड़ एवं अन्य धाराएं।
कांड संख्या 547/2015 — मारपीट एवं धमकी।
कांड संख्या 131/2020 — हत्या, आपराधिक षड्यंत्र एवं अन्य धाराएं।
कांड संख्या 417/2020 — यूपी गैंगस्टर एक्ट।
कमरुल इंडस्ट्रीज एरिया थाना कांड संख्या 72/2020 — आर्म्स एक्ट।
पुलिस की बड़ी टीम ने की कार्रवाई
जमशेदपुर से सरायकेला तक पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम
कार्रवाई में जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां जिले के पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम शामिल रही। टीम में नगर पुलिस अधीक्षक ललित मीना, सहायक पुलिस अधीक्षक ऋषभ त्रिवेदी, घाटशिला एसडीपीओ विकास आनंद लागुरी, चांडिल एसडीपीओ शिवप्रकाश कुमार समेत कई पुलिस पदाधिकारी शामिल थे।
इसके अलावा आदित्यपुर, सरायकेला, एमजीएम, मानगो, बिष्टुपुर, चांडिल, कपाली, चौका, नीमडीह, ईचागढ़, राजनगर, ओलीडीह, गम्हरिया और अन्य थाना/ओपी के पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मी कार्रवाई में शामिल रहे।
आगे भी जारी रहेगी छापेमारी
अन्य अपराधकर्मियों की तलाश में लगातार दबिश
पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल अन्य अपराधकर्मियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस तकनीकी शाखा जमशेदपुर एवं सरायकेला-खरसावां की टीम भी कार्रवाई में सहयोग कर रही है।
जमशेदपुर में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक के नजदीकी आयुष पांडे एवं निखार सब लोग के बीच टेलीफोन की बातचीत हो रही है।घटना से दो दिन पहले निखार सबलोक को मौत के घाट उतार देने की धमकी देते हुए सुनाई दे रहा है। हालांकि पुलिस ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है और इस संबंध में भी छानबीन चल रही है
दुमका जेल में रची गई हत्या की पटकथा
जांच में खुलासा हुआ कि निखार सबलोक की हत्या की साजिश का केंद्र दुमका जेल था. वहीं अपराधियों के बीच संपर्क स्थापित हुआ और 15 लाख रुपये की सुपारी तय की गई. सुपारी तय होते ही उत्तर प्रदेश से पेशेवर शूटरों को किराए पर बुलाया गया. जमशेदपुर में शूटरों के ठहरने का गुप्त ठिकाना बनाया गया और कई दिनों तक निखार सबलोक की हर गतिविधि पर बारीक नजर रखी गई. रेकी पूरी होते ही खूनी खेल का काउंटडाउन शुरू हो चुका था.
3.5 एकड़ बेशकीमती जमीन, हत्या की मुख्य वजह
इस खूनी जंग की असली वजह बनी चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा-आसनबनी मार्ग पर स्थित 3.5 एकड़ बेशकीमती जमीन. निखार सबलोक पिंजरा पहाड़िया इलाके में एनएच-33 के किनारे एक भव्य ड्रीम होटल प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी में थे,लेकिन इस कीमती भूखंड पर स्थानीय भू-माफिया की दृष्टि जमी हुई थी. जमीन के सौदे को लेकर तनातनी बढ़ी तो इसमें शहर के दो बड़े और कुख्यात आपराधिक गिरोहों अखिलेश सिंह गैंग और गणेश सिंह गैंग की एंट्री हो गई. एक गिरोह निखार को रास्ते से हटाकर जमीन कब्जाना चाहता था, तो दूसरा गिरोह निखार के पक्ष में खड़ा था. आखिरकार, जमीन पर वर्चस्व की इस जंग में निखार को रास्ते से हटाने का प्लान फाइनल कर दिया गया.
उस खौफनाक दिन का घटनाक्रम
वारदात वाले दिन पूरी योजना के तहत जाल बिछाया गया. सोनारी निवासी रितेश सिंह ने टाटा-रांची हाईवे पर स्थित होटल टेंथ माइल स्टोन के बाहर निखार की मौजूदगी की पुष्टि की. कार की स्टेयरिंग सुनील रजक के हाथों में थी. इशारा मिलते ही यूपी से आए पेशेवर शूटर अंकित सिंह वहां पहुंचा और गोलियां दाग दी।


