रांची । झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं में कथित धांधली और छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमों को लेकर भाजपा ने बुधवार को राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रोजेक्ट भवन में मुख्य सचिव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने और आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमों को तत्काल वापस लेने की मांग की। भाजपा ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मांगें नहीं माने जाने पर छात्रों के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी। मुख्य सचिव से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि राज्य के छात्र वर्षों तक मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली की जा रही है और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। साहू ने कहा कि जब छात्र अपने साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आंदोलन करते हैं तो उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में निर्दोष छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि रांची, गिरिडीह, चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ समेत कई जिलों में झामुमो कार्यकर्ताओं ने छात्रों के साथ मारपीट और अभद्रता की। रामगढ़ में एक झामुमो नेता द्वारा छात्रों को कथित तौर पर पीटने की धमकी दिए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया। भाजपा की ओर से मुख्य सचिव को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि जेपीएससी-जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में झारखंडी छात्रों ने करीब एक महीने तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया। पार्टी का आरोप है कि इस आंदोलन के दौरान और उसके बाद छात्रों की आवाज दबाने के लिए राज्य के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज किए गए। ज्ञापन में छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने से संबंधित उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए झारखंड में भी शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की गई है। भाजपा ने मांग की है कि छात्र आंदोलन के दौरान और उसके बाद विभिन्न थानों में छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर अविलंब रद्द की जाएं।
भाजपा ने राज्य सरकार से जेपीएससी और जेएसएससी की ओर से आयोजित उन परीक्षाओं की सीबीआई जांच की अनुशंसा करने की मांग की है, जिनमें कथित धांधली के कारण परीक्षाएं रद्द या स्थगित की गई हैं। पार्टी ने कहा कि सरकार को कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि छात्रों के बीच विश्वास बहाल हो सके। ज्ञापन में आयोग के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद कथित रूप से समान रूप से दोषी आयोग के अन्य सदस्यों की भी गिरफ्तारी की मांग की गई है। इसके अलावा, जिन अधिकारियों के अधीन काम करने वाले कनिष्ठ कर्मचारियों पर कथित परीक्षा धांधली के मामले में कार्रवाई हुई है, उन अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है। आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा छात्रों के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर छात्रों को न्याय नहीं मिला और पार्टी की मांगों पर सरकार ने सकारात्मक पहल नहीं की तो भाजपा छात्रों के साथ मिलकर सड़क पर आंदोलन करेगी।उन्होंने छात्रों पर कथित हिंसक कार्रवाई करने वाले सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। साहू ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई कर रही है, जबकि छात्रों के साथ कथित तौर पर हिंसा करने वाले झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा छात्रहित में मांगें नहीं माने जाने की स्थिति में आंदोलन के लिए पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। मुख्य सचिव से मिलने वाले भाजपा प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, राष्ट्रीय मंत्री डॉ. प्रदीप वर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, सांसद बीडी राम, विधानसभा में मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, विधायक सीपी सिंह, सत्येंद्र नाथ तिवारी, डॉ. नीरा यादव, राज सिन्हा, नागेंद्र महतो, आलोक चौरसिया, शशिभूषण मेहता, मंजु कुमारी, शत्रुघ्न महतो, रागिनी सिंह और रौशनलाल चौधरी सहित अन्य नेता मौजूद रहे।


