कोलकाता । पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। राज्य विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और वरिष्ठ राजनेता आशीष बनर्जी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे से लटका हुआ बरामद किया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 70 वर्षीय आशीष बनर्जी का शव रविवार सुबह बीरभूम जिले के रामपुरहाट शहर में स्थित उनके आवास के पास बने पार्टी कार्यालय से मिला। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस घटना के पीछे की असली वजह क्या थी।
प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसकी प्रामाणिकता की जांच की जा रही है। आशीष बनर्जी के भाई प्रशांत बनर्जी ने इस पूरे घटनाक्रम पर जानकारी देते हुए बताया कि सुबह के समय जब उन्होंने दरवाजे के एक छोटे छेद से रस्सी लटकी हुई देखी, तो उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। परिवार के सदस्यों का कहना है कि उनकी रोज की तरह बैठकें होती थीं और पिछली रात या स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के दौरान भी किसी तरह की कोई असामान्य बात नजर नहीं आई थी। वे दिनभर कार्यालय में सक्रिय रहते थे और पिछले दिन ही उन्होंने राष्ट्रीय पर्व पर झंडा भी फहराया था। आशीष बनर्जी बीरभूम जिले की राजनीति के सबसे कद्दावर और अनुभवी चेहरों में गिने जाते थे। वे रामपुरहाट विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए थे। पश्चिम बंगाल में जब पहली बार ममता बनर्जी के नेतृत्व में सरकार का गठन हुआ था, तब उन्होंने राज्य के शिक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री के रूप में कार्य किया था। इसके अलावा, उन्होंने लंबे समय तक पश्चिम बंगाल विधानसभा के डिप्टी स्पीकर की जिम्मेदारी भी संभाली थी।
इसी साल (2026) संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में उन्हें कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा था, जहां वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार ध्रुव साहा से चुनाव हार गए थे। पिछले चुनाव में बीरभूम जिले की कुल 11 सीटों में से भाजपा ने छह सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि इसके पहले 2021 के चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने इसी जिले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 सीटों पर कब्जा जमाया था। राजनीतिक गतिविधियों के बीच, आशीष बनर्जी ने इसी साल जून के महीने में तृणमूल कांग्रेस की बीरभूम जिला कोर कमेटी के अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया था। हालांकि, उस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया था कि वे पार्टी के एक साधारण सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं देना जारी रखेंगे। इस अचानक हुई घटना से उनके समर्थक और राजनीतिक दलों के नेता गहरे सदमे में हैं, और पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर अपनी आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।


